Sugar Update: व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट तय, 30 दिन की समय-सीमा


केंद्र सरकार ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी अधिकतम 4,000 क्विंटल से…

केंद्र सरकार ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी अधिकतम 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा और स्टॉक की होल्डिंग अवधि 30 दिनों से अधिक नहीं होगी। यह निर्देश 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।

आदेश के मुख्य बिंदु और नियम

  • स्टॉक सीमा: पूरे देश में किसी भी डीलर या व्यापारी के लिए होल्डिंग लिमिट 4,000 क्विंटल निर्धारित की गई है।
  • समय सीमा: चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर स्टॉक का निपटान करना अनिवार्य होगा।
  • पारदर्शिता: व्यापारियों को सरकार द्वारा निर्दिष्ट पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण अपडेट करना होगा।
  • छूट का दायरा: यह पाबंदी सरकारी स्टॉक, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों पर लागू नहीं होगी।

राज्यों को निर्देश और कानूनी आधार

मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (कंट्रोल) आदेश, 2025 के तहत यह निर्णय लिया है। सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग की सीमाएं निर्धारित करें, बशर्ते वे केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल और 30 दिन की सीमा से अधिक न हों।

मानसून और उत्पादन का गणित

सरकार का यह फैसला मानसून में कमी की आशंकाओं के बीच आया है। घरेलू आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने पहले ही चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है, जो 30 सितंबर तक प्रभावी है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुमान के मुताबिक, 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले सीजन के 26.12 मिलियन टन के मुकाबले अधिक है।

बाजार में सट्टेबाजी पर लगाम

चीनी उद्योग निकायों (ISMA और NFCSF) ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की है कि वे कीमतों में मामूली उछाल को देखते हुए घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) या सट्टेबाजी न करें। सरकार का यह नया कदम इसी दिशा में एक निवारक उपाय के रूप में देखा जा रहा है ताकि त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों को स्थिर रखा जा सके।