Rakhi Special: उज्जैन की बेटी 20 साल से सरहद पर बांध रही राखी


उज्जैन की एक बेटी ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाकर देशभक्ति और भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। सामाजिक कार्यकर्ता और संगिनी ग्रुप की अध्यक्ष ममता सांगते पिछले 20 वर्षों से लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही हैं। इस वर्ष भी…

उज्जैन की एक बेटी ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाकर देशभक्ति और भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। सामाजिक कार्यकर्ता और संगिनी ग्रुप की अध्यक्ष ममता सांगते पिछले 20 वर्षों से लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही हैं। इस वर्ष भी वह जम्मू-कश्मीर के राजौरी और कारगिल पहुंचकर सैनिकों के साथ यह पर्व मनाएंगी और उन्हें अपनेपन का अहसास कराएंगी।

सीमा पर तैनात जवानों के लिए विशेष अभियान

ममता सांगते का यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन जवानों के लिए भावनात्मक संबल है जो अपने परिवार से मीलों दूर देश की सुरक्षा में तैनात हैं। इस वर्ष के कार्यक्रम के तहत, ममता 28 जुलाई को राजौरी सेक्टर की दो सैन्य पोस्ट और 31 जुलाई को कारगिल की दो सैन्य यूनिटों में जाकर जवानों को राखी बांधेंगी। इसके अतिरिक्त, संगिनी ग्रुप द्वारा देश के विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए हजारों राखियां भेजी जा रही हैं, ताकि कोई भी जवान इस दिन खुद को अकेला न महसूस करे।

राखी का धागा और भावनाओं का संगम

ममता बताती हैं कि सरहद पर जब जवान राखी बंधवाते हैं, तो वह पल बेहद भावुक कर देने वाला होता है। कई बार ड्यूटी की व्यस्तता के कारण सैनिकों को त्योहार की तारीख तक याद नहीं रहती, लेकिन राखी का यह धागा उन्हें तुरंत अपने घर और परिवार की याद दिला देता है। वे कहती हैं कि जब सैनिक वीडियो कॉल के जरिए अपने परिजनों को राखी दिखाते हैं, तो वह उनके निस्वार्थ समर्पण को और अधिक सम्मान देता है।

जवानों के लिए हौसले का प्रतीक

भारतीय सेना के जवानों ने भी संगिनी ग्रुप की इस अनूठी पहल की सराहना की है। कई सैनिकों का मानना है कि जब किसी कारणवश घर से राखी नहीं पहुंच पाती, तब इस तरह के प्रयास उन्हें यह विश्वास दिलाते हैं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनके त्याग का सम्मान करता है। ममता सांगते का यह दो दशक लंबा सफर आज भी सरहद पर तैनात योद्धाओं के लिए एक बड़े हौसले का काम कर रहा है।