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इंदौर-इच्छापुर हाईवे की बदहाली: युवक कांग्रेस ने खुद संभाली सड़क मरम्मत की कमान
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर जानलेवा गड्ढों और प्रशासन की उदासीनता के विरोध में बुधवार को युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। रिलायंस पेट्रोल पंप के पास सड़क की जर्जर हालत से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने स्वयं फावड़ा और तगारी उठाकर गड्ढों में मुरूम, पत्थर और चूरा भरकर उन्हें दुरुस्त करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और संबंधित निर्माण विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की और आम जनता की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही पर निशाना साधा।
सड़क हादसों का केंद्र बना हाईवे
यह विरोध प्रदर्शन उसी स्थान पर किया गया, जहां बीते रविवार की रात एक आयशर वाहन गहरे गड्ढे में फंस गया था। वाहन को निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी और क्रेन की मदद लेनी पड़ी। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के अनुसार, इस मार्ग पर गड्ढों के कारण आए दिन वाहन फंस रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा चरम पर पहुंच गया है।
डिवाइडर पर खर्च, सड़क पर अनदेखी
युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष ठाकुर देवेश्वर सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो से तीन महीनों से सड़क की मरम्मत के लिए लगातार गुहार लगाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि नगर निगम ने सड़क के बीच डिवाइडर तो बनवा दिए, लेकिन सड़क की मुख्य सतह को सुधारने की जहमत नहीं उठाई। इस दोहरी नीति के कारण वाहन चालकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।
प्रशासन को बड़ी दुर्घटना की चेतावनी
युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन जंगाले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे अब मौत का जाल बन चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा किया जाए।
- सड़क के पेचवर्क का काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
- आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गड्ढों की स्थायी मरम्मत की जाए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में मांग की कि जब तक सड़क को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।








