Delhi News: सोनम वांगचुक से अभिजीत दीपके की भावुक अपील, अनशन खत्म करने की गुहार


अस्पताल में भर्ती प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 25वां दिन है। उनकी गिरती सेहत को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने उनसे अपना अनशन तुरंत समाप्त करने की अपील की है। दीपके ने स्पष्ट किया है कि वांगचुक का जीवन सर्वोपरि है और आंदोलन की कमान…

सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य चिंता का विषय: अभिजीत दीपके ने अनशन खत्म करने का किया आग्रह

अस्पताल में भर्ती प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 25वां दिन है। उनकी गिरती सेहत को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने उनसे अपना अनशन तुरंत समाप्त करने की अपील की है। दीपके ने स्पष्ट किया है कि वांगचुक का जीवन सर्वोपरि है और आंदोलन की कमान अब पार्टी कार्यकर्ता संभालेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रमुख मांगों के समाधान तक यह विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

“सोनम सर की जान से बढ़कर कुछ नहीं”

अभिजीत दीपके ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर कोई आंच आए। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि वांगचुक को अब अपना हंगर स्ट्राइक तोड़ देना चाहिए, क्योंकि देश को उनकी जरूरत है। दीपके ने संकल्प लिया है कि वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद भी पार्टी का संघर्ष तब तक थमेगा नहीं, जब तक कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित उनकी अन्य महत्वपूर्ण मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान

अभिजीत दीपके ने अपने सभी समर्थकों को अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक है और इसमें किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि के लिए कोई स्थान नहीं है।

  • आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलेगा।
  • गलत नारे लगाने वाले या उपद्रवी तत्वों का CJP से कोई लेना-देना नहीं है।
  • आंदोलन की छवि को धूमिल करने वाली किसी भी गतिविधि को पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

मेदांता अस्पताल में चल रहा उपचार

सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मंगलवार, 21 जुलाई को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इससे पहले वे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अदालत के इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि मेदांता में उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और वे जल्द ही स्वस्थ हो सकेंगे।

बता दें कि CJP का यह आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है और सरकार के साथ बातचीत के लिए पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।