Monsoon सत्र: कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, सरकार को घेरेगी विपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज, 13 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए अपनी पूरी रणनीति…

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र: विपक्ष का ‘अविश्वास’ से सरकार को घेरने का प्लान

छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज, 13 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

सत्र के दौरान सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए कांग्रेस 14 जुलाई को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। इस संबंध में रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी आवास पर कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव लाने पर अंतिम मुहर लगाई गई।

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सरकार के खिलाफ कांग्रेस की मुख्य चुनौतियां

बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से पूरी तरह असंतुष्ट है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के बीच किए गए वादे खोखले साबित हुए हैं और प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस जिन प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाएगी, वे इस प्रकार हैं:

  • कानून-व्यवस्था: प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधों की बढ़ती संख्या।
  • नकटी गांव मुद्दा: नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाएगी।
  • जनहित के मुद्दे: बिजली संकट, बढ़ती महंगाई और किसानों की समस्याओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
  • सड़क व बुनियादी सुविधाएं: मानसून के दौरान बदहाल सड़कों और अन्य व्यवस्थाओं पर विपक्ष तीखे सवाल करेगा।

सदन में पूछे जाएंगे 1,033 सवाल

इस मानसून सत्र के लिए विधायकों ने अब तक 1,033 प्रश्न लगाए हैं, जिनका जवाब सरकार को देना होगा। इन सवालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों की भी भागीदारी है। सत्र की तैयारियों को लेकर एक नजर डालें तो स्थिति कुछ इस प्रकार है:

विवरणआंकड़े
सत्र की अवधि5 दिन
कुल प्रश्न1,033
अविश्वास प्रस्ताव की तिथि14 जुलाई

क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष द्वारा सरकार की साख पर सवाल उठाने का एक संवैधानिक तरीका है। जब विपक्ष को लगता है कि सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है या वह जनहित के मुद्दों पर विफल रही है, तो वह अविश्वास प्रस्ताव लाता है। इसके बाद सदन में सरकार के कामकाज पर विस्तृत चर्चा होती है और अंत में मतदान के जरिए यह तय किया जाता है कि सरकार का सदन में विश्वास बरकरार है या नहीं।

डॉ. चरणदास महंत ने साफ कर दिया है कि भले ही सत्र पांच दिनों का है, लेकिन कांग्रेस न केवल सदन के भीतर बल्कि सड़क पर भी जनता के मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी। नकटी गांव मामले में पार्टी ने जरूरत पड़ने पर सदन के भीतर प्रदर्शन करने के संकेत भी दिए हैं।