सतना स्मार्ट सिटी परियोजना की खुली पोल: हनुमान चौक पर सड़क धंसने से लोगों का अनोखा प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के सतना शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के अत्यंत व्यस्त इलाके हनुमान चौक पर सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क अचानक धंस गई, जिससे एक बड़ा और जानलेवा गड्ढा बन गया है। इस लापरवाही से नाराज स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जगाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढे के पास नगर निगम के महापौर योगेश ताम्रकार की तस्वीर लगाकर विरोध दर्ज कराया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे निगम प्रशासन की कार्यशैली पर भारी दबाव बढ़ गया है।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क का जो रिस्टोरेशन (मरम्मत) किया गया था, वह पूरी तरह से मानक विहीन था। पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की पोल खोल दी है। निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़कों का इस तरह धंसना स्पष्ट करता है कि काम में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और निगरानी में बड़ी लापरवाही बरती गई है।
बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, हादसे का शिकार हो रहे राहगीर
पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण स्थिति और भी भयावह हो गई है। सड़क पर जलभराव होने के कारण यह गहरा गड्ढा पानी में पूरी तरह छिप गया, जिससे वाहन चालकों को इसका अंदाजा नहीं लगा। इस दौरान कई दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यदि समय रहते इस गड्ढे की मरम्मत नहीं की गई, तो यहां कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल और सख्त कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद शहर के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सीवर लाइन परियोजना के कारण सड़कें धंसी हैं, बल्कि पहले भी शहर के कई हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब मांग उठ रही है कि:
- सड़क की तत्काल प्रभाव से उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराई जाए।
- निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाली संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, लेकिन इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन ने पूरे शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना की विफलता को चर्चा का विषय बना दिया है।









