मध्य प्रदेश के नेपानगर में कांग्रेस का देर रात प्रदर्शन, राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में सौंपा ज्ञापन
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में मंगलवार देर रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने रात करीब 11 बजे विशेष रूप से एसडीएम कार्यालय खुलवाकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विपक्ष के नेता के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह देश के संवैधानिक मूल्यों पर भी सीधा प्रहार है।
देर रात खुलवाया गया एसडीएम कार्यालय
सामान्यतः रात के समय बंद रहने वाले एसडीएम कार्यालय को कांग्रेस नेताओं की विशेष मांग पर खोला गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस नेता धीरज करोसिया ने तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले से फोन पर संपर्क साधा, जिसके बाद कर्मचारी राजेश चौबे ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन स्वीकार किया। यह घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा, जहां कांग्रेसियों ने अपनी मांगों को लेकर तत्परता दिखाई।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प
राष्ट्रपति को संबोधित इस ज्ञापन में कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना स्वस्थ राजनीतिक परंपरा के खिलाफ है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
- राहुल गांधी के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
- देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- विपक्षी नेताओं के साथ कानून के समक्ष समान और निष्पक्ष व्यवहार किया जाए।
- लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत किसी भी प्रकार के सरकारी हस्तक्षेप को तुरंत रोका जाए।
विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास नहीं होगा सफल
मंडलम कांग्रेस अध्यक्ष पांडुरंग आमले ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सत्ता और विपक्ष के आपसी सम्मान पर टिकी होती है। यदि सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलने का प्रयास करती है, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इसका पुरजोर विरोध करेगी। वहीं, आईटी एवं सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश महासचिव धीरज करोसिया ने कहा कि पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं और यह शांतिपूर्ण संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लोकतांत्रिक मर्यादाएं बहाल नहीं हो जातीं।
प्रदर्शन में शामिल हुए प्रमुख कांग्रेसी नेता
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजेश पटेल, कैलाश पटेल, पंकज मलन्ना, संदीप करोसिया, कुणाल तोमर, गणेश पाटिल, प्यारेलाल बोरसे और देवानंद म्हस्के समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।









