पाकिस्तान में फिर महंगा हुआ ईंधन: पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू
पाकिस्तान की सरकार ने आम जनता पर महंगाई का एक और बोझ डालते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है। 22 जुलाई से प्रभावी हुए इस नए आदेश के तहत, पेट्रोल के दाम में 4.93 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में 7.15 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 320.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 367.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
भारत और पाकिस्तान में ईंधन दरों की तुलना
पड़ोसी देश में ईंधन की कीमतों का असर वहां के आम बजट पर गहरा पड़ता है। नीचे दी गई तालिका में भारत और पाकिस्तान के मौजूदा ईंधन मूल्यों का तुलनात्मक विवरण दिया गया है:
| ईंधन का प्रकार | भारत (अनुमानित) | पाकिस्तान (दरें) |
| पेट्रोल | ₹102.12 | 367.21 रुपये (करीब ₹127.33) |
| डीजल | ₹95.20 | 320.73 रुपये (करीब ₹111.21) |
नोट: भारतीय रुपये की तुलना में पाकिस्तानी रुपये की विनिमय दर (2.88 पाकिस्तानी रुपया = 1 भारतीय रुपया) के आधार पर यह गणना की गई है।
अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से अभी भी नीचे हैं दाम
हालांकि कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन यह अप्रैल 2026 में देखे गए ऐतिहासिक उच्च स्तर से अब भी कम हैं। आंकड़ों के अनुसार, 3 अप्रैल को डीजल 520.35 रुपये और पेट्रोल 458.41 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जो अमेरिका-ईरान तनाव के बाद वैश्विक बाजार में आई तेजी का नतीजा था।
दैनिक मूल्य निर्धारण पर सरकार और डीलर्स में टकराव
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता को देखते हुए, अब पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें साप्ताहिक के बजाय रोजाना तय की जाएंगी। सरकार के इस नीतिगत बदलाव का ‘ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन’ ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इस नई व्यवस्था को खारिज करते हुए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
महंगाई की मार: आम आदमी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
ईंधन की कीमतों में यह उछाल पाकिस्तान के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। पेट्रोल की कीमतों का सीधा असर निजी वाहनों और दोपहिया चालकों पर पड़ता है, जबकि डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत में वृद्धि होगी, जिससे देश भर में जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। पाकिस्तान में हर महीने लगभग 7 से 8 लाख टन पेट्रोल-डीजल की खपत होती है, जिससे यह सरकार के लिए राजस्व का सबसे प्रमुख स्रोत बना हुआ है।










