नसीरुद्दीन शाह का आक्रोश: छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर बॉलीवुड ने जताई कड़ी नाराजगी
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मारपीट की घटनाओं ने बॉलीवुड जगत को झकझोर कर रख दिया है। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के साथ हुई बर्बरता की तीखी निंदा करते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा कि यदि नेतृत्व का दृष्टिकोण संकीर्ण और ‘जाहिल’ होगा, तो इसका असर पूरे देश की व्यवस्था पर पड़ेगा। शाह ने छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए उन्हें हिम्मत न हारने की सलाह दी है। वहीं, इस मुद्दे पर फिल्म जगत दो धड़ों में बंट गया है, जहां एक ओर कई सितारे छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के करीब माने जाने वाले कलाकारों ने इसे गलत रास्ता बताया है।
हिंसा के खिलाफ नसीरुद्दीन शाह की दो टूक
नसीरुद्दीन शाह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए वीडियो में छात्रों के साथ हुई हिंसा को ‘जुल्म’ करार दिया है। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर नकाबपोश गुंडों की मौजूदगी की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एग्रेशन एजेंटों से की। शाह ने कहा कि उन्होंने अभिनय की बारीकियां भले ही संस्थानों से सीखी हों, लेकिन असली सीख उन्हें अपने छात्रों से मिली है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “सब याद रखा जाएगा,” और युवाओं से अपील की कि वे अपनी लड़ाई जारी रखें।
प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी को आया अस्थमा अटैक
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी को उस समय गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा, जब आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के कारण उन्हें अस्थमा का दौरा पड़ गया। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि सांस लेने में भारी तकलीफ के बावजूद, समय पर उपचार मिलने के बाद वे फिर से आंदोलन में शामिल हुईं। जब उनसे बॉलीवुड सितारों की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की चुप्पी पर कोई बात नहीं करता, सारा ध्यान केवल फिल्मी सितारों की मौजूदगी पर केंद्रित करके मुख्य मुद्दों को भटकाया जा रहा है।
सितारों के बयानों से गरमाया माहौल
- दिलजीत दोसांझ: गायक और अभिनेता ने छात्रों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनना प्रशासन का कर्तव्य है। उन्होंने ‘एंटी-नेशनल’ लेबल किए जाने की परवाह किए बिना अपना समर्थन जारी रखा है।
- कंगना रनोट: अभिनेत्री ने प्रदर्शन को सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे मुद्दों पर चर्चा सड़क पर नहीं, बल्कि संसद में होनी चाहिए।
- हेमा मालिनी: भाजपा सांसद ने छात्रों से गुमराह न होने की अपील की और कहा कि प्रदर्शन से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
बॉलीवुड का एक बड़ा वर्ग छात्रों के साथ
इस आंदोलन को केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रखते हुए, कई बड़े नाम जमीन पर उतरकर समर्थन दे रहे हैं। शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके अलावा, सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, रत्ना पाठक शाह और सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों ने डिजिटल माध्यमों से एकजुटता प्रदर्शित की है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप और संवाद शुरू करने की मांग की है। विशाल ददलानी और दीया मिर्जा जैसे अन्य प्रभावशाली व्यक्तित्व भी लगातार प्रदर्शनकारियों के हक में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।










