श्रावस्ती में गरजे सीएम योगी: विपक्ष पर साधा निशाना, 396 करोड़ की सौगात का किया शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को श्रावस्ती के इकौना स्थित सीताद्वार से विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पिछली सरकारों की प्राथमिकता में महाराजा सुहेलदेव की गौरवशाली विरासत नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांता थे। सीएम ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र भारत में आक्रांताओं का महिमामंडन कतई स्वीकार्य नहीं है, इसीलिए उनकी सरकार ने विदेशी हमलावरों के नाम पर आयोजित होने वाले मेलों पर प्रतिबंध लगाने का साहसिक निर्णय लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती और भिनगा क्षेत्र के विकास के लिए 396 करोड़ रुपये से अधिक की 83 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी।
विपक्ष पर ‘बबुआ और चच्चू’ तंज, माफियाराज को घेरा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी और पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों में प्रदेश का नेतृत्व करने वाले लोग दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे और फिर परिवार के बड़े बुजुर्गों के मार्गदर्शन में समय बिताते थे, जिससे उन्हें राज्य के विकास और आम जनता की समस्याओं के लिए फुर्सत ही नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था, सरकारी नौकरियों में खुलेआम भ्रष्टाचार होता था और गरीब व किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहते थे।
विकास और सुरक्षा: सरकार की दोहरी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में श्रावस्ती समेत पूरे प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही, गरीब कल्याण योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास, मुफ्त राशन, शौचालय और उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यक्रम में सीएम ने लाभार्थियों को चेक, आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।
अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति प्रदेश की बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसके लिए केवल दो ही स्थान सुरक्षित हैं—जेल या जहन्नुम। उन्होंने बलरामपुर के धर्मांतरण मामले में हुई सख्त कार्रवाई का उदाहरण देते हुए यह संदेश दिया कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम का यह बयान स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार ‘रामराज’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए सुरक्षा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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