नरसिंहपुर में मंगलवार देर रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और छात्रों के हक में आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ किया गया है। स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि देश का युवा अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का सहारा लेकर दमनकारी नीति अपना रही है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने केवल छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठाई थी, जिसके बदले में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है।
पूर्व विधायक सुनील जायसवाल का तीखा प्रहार
धरना स्थल पर मौजूद पूर्व विधायक सुनील जायसवाल ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 100 से अधिक बार सरकारी परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मौन और रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी
इस विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है:
- नीट धांधली की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाए।
- छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो।
- विपक्ष के नेताओं पर की जा रही दमनकारी कार्रवाई तुरंत रोकी जाए।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।










