Fake बोर्ड का पर्दाफाश: राजगढ़ में 10वीं-12वीं की फर्जी परीक्षा लेते दो भाई गिरफ्तार


मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली पुलिस ने 'बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली' के नाम से फर्जी 10वीं और 12वीं की अंकसूचियां और प्रमाण-पत्र जारी करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने निजी स्कूल में परीक्षा…

राजगढ़ में फर्जी बोर्ड का भंडाफोड़: 10वीं-12वीं की नकली मार्कशीट बनाने वाले दो भाई गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली पुलिस ने ‘बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली’ के नाम से फर्जी 10वीं और 12वीं की अंकसूचियां और प्रमाण-पत्र जारी करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने निजी स्कूल में परीक्षा आयोजित कर छात्रों को झांसे में लेते थे और मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बोर्ड पूरी तरह से अवैध और फर्जी पाया गया है।

शिकायत के बाद खुला पूरा खेल

इस गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब ग्राम नाटाराम निवासी कुमेरसिंह भिलाला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी को ‘जीनियस कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर’ के संचालक कुनाल मेवाड़े ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट मुहैया कराई थी, जिस पर दिल्ली के एक शिक्षा बोर्ड का नाम अंकित था। जब पुलिस ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय से इन दस्तावेजों की पुष्टि की, तो पता चला कि इस नाम का कोई भी बोर्ड सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है।

कैसे काम करता था यह फर्जी नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में आरोपियों के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला रहा है। इस फर्जीवाड़े की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • आरोपी फर्जी बोर्ड की वेबसाइट का उपयोग करके छात्रों का ऑनलाइन पंजीयन करते थे।
  • परीक्षाएं आरोपी राजू मेवाड़े के ‘पूर्वी विद्या निकेतन’ स्कूल परिसर में आयोजित की जाती थीं।
  • परीक्षा के बाद छात्रों को घर बैठे फर्जी अंकसूची और प्रमाण-पत्र थमा दिए जाते थे।
  • दोनों भाई पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

कोतवाली पुलिस ने राजू मेवाड़े (47) और कुनाल मेवाड़े (41) को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एसपी अमित तोलानी के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी बोर्ड के जरिए कितने छात्रों को अब तक प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी शैक्षणिक दस्तावेज को प्राप्त करने से पहले बोर्ड की आधिकारिक मान्यता की जांच अवश्य कर लें। इस मामले में जल्द ही और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।