राजस्थान में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर गहलोत और डोटासरा हिरासत में
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को राजस्थान कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को घेरा। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की, वहीं राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित मुख्य प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार जवाबदेही से बच रही है।
अशोक गहलोत और डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना
जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली जिस दौर से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े विवादों पर केंद्र सरकार का रवैया पूरी तरह से निराशाजनक है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय विपक्ष के तीखे सवालों से भाग रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई: मुख्य बिंदु
- हिरासत: करीब 40 मिनट तक चले धरने के बाद पुलिस ने अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा समेत दो दर्जन से अधिक नेताओं को हिरासत में लिया।
- हल्का बल प्रयोग: नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कार्यकर्ताओं के बस के सामने आने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।
- प्रदेशव्यापी आंदोलन: यह प्रदर्शन केवल जयपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया।
- मुख्य मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग को दोहराया गया।
विपक्ष का रुख: जब तक इस्तीफा नहीं, तब तक संघर्ष जारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते, तब तक पार्टी का लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर केंद्र की विफलता ने लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की थी।










