PM आवास के बाहर भूपेश बघेल का धरना, बोले- दिल्ली पुलिस ने मेरा जूता छीना


राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्षी दलों का आक्रोश सड़कों पर साफ दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे…

दिल्ली में नीट पेपर लीक पर सियासी उबाल: राहुल-प्रियंका समेत कई दिग्गज नेता हिरासत में

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्षी दलों का आक्रोश सड़कों पर साफ दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया है।

भूपेश बघेल ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

इस विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को जबरन बस में बैठा लिया है और उन्हें अज्ञात स्थान की ओर ले जाया जा रहा है। बघेल ने दावा किया कि इस आपाधापी में उनका एक जूता भी खो गया है। इस घटना के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य में लोकभवन के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है।

नीट विवाद: क्या है कांग्रेस और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग?

देशभर में नीट (NEET) परीक्षा की शुचिता को लेकर उठ रहे सवालों ने शिक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि पेपर लीक और धांधली के कारण लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। इस पूरे मामले को लेकर निम्नलिखित बिंदु प्रमुख हैं:

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
  • व्यापक विरोध: केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस मुद्दे पर अनशन कर रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
  • CJP का आंदोलन: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) जैसे संगठन भी सड़कों पर उतरकर शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। नीट परीक्षा में हुई धांधली का मुद्दा अब संसद से लेकर सड़क तक एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है, जिससे केंद्र सरकार की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।