Exposed: परीक्षा में लेक्चरर ने खुद लिखवाए उत्तर, 93 छात्रों की कॉपियां सील


राजस्थान के जैसलमेर जिले से परीक्षा की शुचिता को तार-तार करने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के श्री करणी महाविद्यालय, कजोई में बीए द्वितीय वर्ष के हिंदी साहित्य के पेपर के दौरान सामूहिक नकल का भंडाफोड़ हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा कक्ष में तैनात लेक्चरर…

जैसलमेर के निजी कॉलेज में बड़ा नकल कांड: लेक्चरर ही डिक्टेट कर रहे थे उत्तर

राजस्थान के जैसलमेर जिले से परीक्षा की शुचिता को तार-तार करने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के श्री करणी महाविद्यालय, कजोई में बीए द्वितीय वर्ष के हिंदी साहित्य के पेपर के दौरान सामूहिक नकल का भंडाफोड़ हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा कक्ष में तैनात लेक्चरर (वीक्षक) ही छात्रों को सवालों के जवाब बोल-बोलकर लिखवा रहे थे। इस घटना ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।

फ्लाइंग स्क्वॉड की छापेमारी: 93 कॉपियां सील

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम, जिसमें प्रो. अमन सिंह, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. ललित झाला और डॉ. गौरव जैन शामिल थे, ने सुबह 9 बजे कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि वीक्षक जय करण और ओम प्रकाश परीक्षार्थियों को उत्तर डिक्टेट कर रहे थे। मौके पर मौजूद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 93 उत्तर-पुस्तिकाओं को सील कर दिया। सीसीटीवी फुटेज की प्रारंभिक जांच में भी लेक्चरर्स की संलिप्तता की पुष्टि हुई है, जिसके बाद इन सभी परीक्षार्थियों के खिलाफ सामूहिक नकल का मामला दर्ज किया गया है।

परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच और जीरो टॉलरेंस नीति

विश्वविद्यालय की टीम ने केवल जैसलमेर ही नहीं, बल्कि फतेहगढ़, रामगढ़ और बाड़मेर के शिव क्षेत्र के कई अन्य सरकारी और निजी कॉलेजों में भी सघन निरीक्षण अभियान चलाया। बाड़मेर के शिव केंद्र पर भी अनुचित साधनों के प्रयोग का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी केंद्रों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

  • जीरो टॉलरेंस: कुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पवित्रता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
  • कठोर कार्रवाई: नकल को बढ़ावा देने वाले किसी भी कृत्य के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाएगा।
  • निरीक्षण का दायरा: कुलपति ने स्वयं खेड़ापा और बावड़ी स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा और गोपनीयता व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

यह घटना निजी कॉलेजों में परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विश्वविद्यालय ने अब सभी संदिग्ध केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।