Investigation: राजगढ़ में ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने की घोटाले की जांच की मांग


राजगढ़ जिले की खुजनेर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घोड़ाखेड़ा के निवासियों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीण भारी बारिश के बीच छाते लेकर और ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, ताकि जिला प्रशासन का ध्यान भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित किया जा सके।…

राजगढ़ में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन: पंचायत में लाखों के घोटाले का आरोप

राजगढ़ जिले की खुजनेर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घोड़ाखेड़ा के निवासियों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीण भारी बारिश के बीच छाते लेकर और ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, ताकि जिला प्रशासन का ध्यान भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित किया जा सके। ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सरपंच और रोजगार सहायक पर सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सरकारी योजनाओं में धांधली का आरोप

ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत स्तर पर चल रही कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। ज्ञापन में जिन प्रमुख योजनाओं में अनियमितता की बात कही गई है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • मनरेगा (MGNREGA): मजदूरों के भुगतान और कार्यों में हेरफेर।
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना: सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता और फर्जी बिलिंग।
  • स्वच्छता अभियान: तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नाम पर सरकारी बजट की बंदरबांट।
  • राज्य वित्त आयोग और आरजीपीएसए: आवंटित निधियों का अनुचित उपयोग।

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत द्वारा कई विकास कार्यों को केवल कागजों पर ही पूरा दर्शाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच और रोजगार सहायक की मिलीभगत से लाखों रुपये की राशि का गबन किया गया है।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल फाइलों तक सीमित जांच न की जाए, बल्कि मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब तक कार्यों का दस्तावेजों के साथ मिलान नहीं होगा, तब तक भ्रष्टाचार की परतें नहीं खुलेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से उच्च अधिकारियों को शिकायतें भेज रहे थे, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने से उनका धैर्य जवाब दे गया है।

प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

अपनी मांगों को लेकर मुखर ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषी पाए जाने पर सरपंच व रोजगार सहायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। ढोल बजाकर अपनी बात रखने पहुंचे ग्रामीणों का यह प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक जांच टीम गठित करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।