Dhamtari: छठी कार्यक्रम में युवक की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद


छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगभग डेढ़ साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक युवक की चाकू मारकर हत्या करने के दोषी दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दोनों दोषियों पर 500-500 रुपये का…

धमतरी हत्याकांड: मामूली विवाद में युवक की जान लेने वाले दो दोषियों को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगभग डेढ़ साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक युवक की चाकू मारकर हत्या करने के दोषी दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दोनों दोषियों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में धमतरी पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और ठोस साक्ष्यों को अदालत ने सजा का मुख्य आधार माना है।

छठी कार्यक्रम के दौरान पुरानी रंजिश का खूनी अंत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 31 जनवरी 2025 की रात को घटित हुई थी। मृतक शंकर ढीमर अपने मित्र रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा में आयोजित एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। भोजन करने के बाद जब वे मराठा मंगल भवन के पास स्थित पीपल के पेड़ के नीचे बैठे थे, तभी मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे। पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोपियों ने शंकर के सीने, पेट और जांघ पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

अस्पताल में हुई मौत और पुलिस की तत्परता

गंभीर रूप से घायल शंकर को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह खुलासा हुआ कि घटना से कुछ दिन पहले साइकिल को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।

वैज्ञानिक साक्ष्यों और मजबूत पैरवी से मिली सजा

एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक सबूतों, गवाहों के बयानों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की विवेचना पूरी की थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत समयबद्ध तरीके से कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जेल में बिताई गई 529 दिनों की अवधि को भी समायोजित करने का आदेश दिया है।

  • घटना का कारण: पुरानी रंजिश और साइकिल को लेकर हुआ विवाद।
  • सजा: दोनों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास।
  • जुर्माना: 500-500 रुपये का अर्थदंड।
  • पुलिस कार्रवाई: वैज्ञानिक साक्ष्यों और समयबद्ध चालान पेश करने से मिली सफलता।