डीग में आईजी प्रीति चंद्रा की जनसुनवाई: पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा रुख, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के आदेश
भरतपुर रेंज की आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा ने मंगलवार को डीग शहर कोतवाली में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया। दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चली इस सुनवाई में जिले भर से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं का अंबार लगा दिया। आईजी ने न केवल लोगों की शिकायतें सुनीं, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश देकर उनका त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया। इस दौरान भूमि विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी और पारिवारिक कलह जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई।
जनसुनवाई के दौरान एक बेहद संवेदनशील दृश्य भी देखने को मिला, जब कुछ फरियादी अपने बीमार परिजनों को स्ट्रेचर और बिस्तर पर लिटाकर कोतवाली पहुंचे। उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए आईजी ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना और संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, जांच के आदेश
जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया जब एक फरियादी ने नगर थाना प्रभारी पर खुलेआम पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया। इस शिकायत को आईजी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने डीग के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आईजी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि:
- पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
सीएलजी बैठक में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर मंथन
जनसुनवाई के उपरांत कोतवाली परिसर में सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) की विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सदस्यों ने कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अतिक्रमण की समस्या, महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों पर अपने सुझाव रखे। आईजी ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एसपी कांबले शरण गोपीनाथ, एएसपी अखिलेश शर्मा, डीएसपी सीताराम बैरवा सहित जिले के तमाम थाना प्रभारी मौजूद रहे। आईजी की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि पुलिसिया कामकाज में सुधार आएगा और उन्हें न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।









