Damoh: सब्जी मंडी से हटेगा अतिक्रमण, बकाया शुल्क भी वसूला जाएगा


दमोह के सागर नाका स्थित सब्जी मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के स्पष्ट निर्देशों के बाद, मंगलवार दोपहर एसडीएम सौरव गंधर्व ने दल-बल के साथ मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर की…

दमोह सब्जी मंडी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अतिक्रमण और बकाया शुल्क पर एसडीएम सख्त

दमोह के सागर नाका स्थित सब्जी मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के स्पष्ट निर्देशों के बाद, मंगलवार दोपहर एसडीएम सौरव गंधर्व ने दल-बल के साथ मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया और व्यापारियों को सख्त हिदायत दी।

बकाया शुल्क और अवैध कब्जों पर प्रशासन का अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने व्यापारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन दुकानदारों का मंडी शुल्क लंबे समय से बकाया है, वे उसे अविलंब जमा करें। इसके अतिरिक्त, टीन शेड के नीचे किए गए अनाधिकृत कब्जों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शुल्क जमा करने और अतिक्रमण मुक्त होने के बाद ही दुकानों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। व्यापारियों ने भी प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि वे बकाया राशि की भरपाई जल्द सुनिश्चित करेंगे।

निरीक्षण में सामने आई ये बड़ी खामियां

एसडीएम सौरव गंधर्व ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सब्जी मंडी के भीतर अवैध कब्जे और अन्य अनियमितताओं की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच के दौरान मुख्य रूप से दो बड़ी विसंगतियां सामने आई हैं:

  • स्थानांतरण का मामला: वर्ष 2015 में पुरानी मंडी से जिन व्यापारियों को यहां स्थानांतरित किया गया था, उनमें से कई आज भी उन्हीं पुराने स्थानों पर काबिज हैं, जबकि नियमों के तहत व्यवस्थाओं में बदलाव जरूरी है।
  • वित्तीय अनियमितता: कुछ व्यापारियों का मंडी शुल्क काफी समय से बकाया है, वहीं दूसरी ओर ऐसे भी दुकानदार हैं जिन्होंने अपने प्लॉट के लिए पूरी राशि का भुगतान कर दिया है, जिससे विवाद की स्थिति बनी हुई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया है। एसडीएम ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।