Samsung सर्विस सेंटर में 41 लाख का घोटाला, खाली डिब्बों में छिपाए थे पार्ट्स


जोधपुर के सरदारपुरा इलाके में स्थित सैमसंग के अधिकृत सर्विस सेंटर 'मैसर्स नेहल टेक्नो सर्विसेज' में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। यहां कार्यरत स्टोर इंचार्ज प्रदीप भार्गव पर कंपनी को 41.35 लाख रुपए का चूना लगाने का आरोप है। आरोपी ने पिछले 10 सालों के दौरान कंपनी के 468 महंगे स्पेयर…

जोधपुर के सैमसंग सर्विस सेंटर में 41 लाख की बड़ी धोखाधड़ी, स्टोर इंचार्ज पर लगा गबन का आरोप

जोधपुर के सरदारपुरा इलाके में स्थित सैमसंग के अधिकृत सर्विस सेंटर ‘मैसर्स नेहल टेक्नो सर्विसेज’ में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। यहां कार्यरत स्टोर इंचार्ज प्रदीप भार्गव पर कंपनी को 41.35 लाख रुपए का चूना लगाने का आरोप है। आरोपी ने पिछले 10 सालों के दौरान कंपनी के 468 महंगे स्पेयर पार्ट्स की हेराफेरी की। इस मामले में फर्म के मालिक दीक्षांत सोलंकी की शिकायत के बाद सरदारपुरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खाली डिब्बों में छिपाए थे स्पेयर पार्ट्स

पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब सैमसंग कंपनी के अधिकारियों ने सर्विस सेंटर का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर इंचार्ज प्रदीप वहां मौजूद नहीं था। सफाई के दौरान जब कर्मचारियों ने स्टोर में रखे खाली डिब्बों को हटाया, तो उनके होश उड़ गए। उन डिब्बों के भीतर भारी कीमत वाले स्पेयर पार्ट्स छुपाकर रखे गए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी ने करीब 10 महीने पहले इन पार्ट्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो तकनीकी कारणों से खारिज हो गई थी। इसके बावजूद आरोपी ने इन पार्ट्स को स्टॉक में दर्ज नहीं किया और उन्हें चोरी की नीयत से छिपा दिया।

डिजिटल रिकॉर्ड में की गई बड़ी हेरफेर

संदेह होने पर फर्म संचालक दीक्षांत सोलंकी ने एक सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट की मदद से डिजिटल रिकॉर्ड का ऑडिट करवाया। ऑडिट में यह साफ हो गया कि आरोपी प्रदीप भार्गव ने सिस्टम के ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड में लगातार काट-छांट की थी। आरोपी के पास सिस्टम का पूरा एक्सेस था और ओटीपी भी उसी के मोबाइल पर आता था, जिसका फायदा उठाकर उसने रिकॉर्ड में हेरफेर की।

  • वर्ष 2016 से अब तक कुल 468 असली स्पेयर पार्ट्स गायब मिले।
  • गायब हुए सामान की कुल कीमत 41 लाख 35 हजार 491 रुपए आंकी गई है।
  • आरोपी स्टोर इंचार्ज के पास ही सिस्टम का एकमात्र एक्सेस और ओटीपी अधिकार था।

कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश

फर्म संचालक का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। प्रदीप ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के गहने मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखे थे और उसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने यह चोरी की। शुरुआत में उसने कुछ पार्ट्स लौटाने की कोशिश भी की, लेकिन जब पूरी 10 साल की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, तो आरोपी कानूनी कार्रवाई के डर से आत्महत्या की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।