Crypto फ्रॉड: क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार


छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले लोगों को क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहा था। मणिपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक होटल में छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के…

सरगुजा पुलिस का बड़ा एक्शन: क्रिप्टो और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले लोगों को क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहा था। मणिपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक होटल में छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी होटल में बाकायदा प्रोजेक्टर लगाकर लोगों को ट्रेनिंग दे रहे थे और निवेश के लिए प्रेरित कर रहे थे।

होटल में चल रही थी ठगी की क्लास

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, दरिमा थाना क्षेत्र के निवासी विद्याचरण राव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश के जरिए मालामाल होने का झांसा दिया गया था। विद्याचरण को उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से मिलवाया गया, जिसने उन्हें Bitget वॉलेट ऐप में निवेश करने की सलाह दी। 19 जुलाई को होटल फिल आनंदम में एक विशेष ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया गया था, जहाँ गिरोह के सदस्य कान्ता प्रसाद राजवाड़े लैपटॉप और प्रोजेक्टर के जरिए 10 से 12 लोगों को क्रिप्टो ट्रेडिंग का पाठ पढ़ा रहे थे।

  • आरोपियों का दावा था कि 12 लेवल पूरे होने पर निवेशकों को जीवनभर मुफ्त पैसा मिलता रहेगा।
  • राजकुमार पैकरा ने विद्याचरण राव से 10 हजार रुपये नगद लेकर एक साल में इसे एक लाख रुपये बनाने का झूठा वादा किया था।
  • शिकायत के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

कैसे काम करता था जालसाजों का नेटवर्क?

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कान्ता प्रसाद (27), राजकुमार पैकरा (42), जीवन साय टोप्पो (36), फिरोज लकड़ा (35) और मुकेश कुमार गुप्ता (46) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वे बिलासपुर के त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू के संपर्क में थे। उन्होंने नेपाल में आयोजित सेमिनार में भी हिस्सा लिया था और वहीं से यह ठगी का मॉडल सीखा था।

आरोपी निवेशकों को प्ले स्टोर से Bitget वॉलेट डाउनलोड करवाते थे और फिर उनसे फोन-पे या नगद के जरिए पैसे लेकर क्रिप्टो करेंसी खरीदवाते थे। नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर लोगों को अपने नीचे जोड़ने का दबाव बनाया जाता था ताकि उनका कमीशन बढ़ सके। सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि पुलिस ने मौके से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, मोबाइल और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और मामले के अन्य मास्टरमाइंडों की तलाश जारी है।