एमडीएसयू: मुख्य परीक्षा 2025-26 के आवेदन की अंतिम तिथि में बदलाव
अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) ने सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब योग्य विद्यार्थी बिना किसी विलंब शुल्क के 24 जुलाई 2026 तक अपना परीक्षा फॉर्म जमा करवा सकेंगे।
छात्र अपना आवेदन विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भर सकते हैं। परीक्षा शुल्क का भुगतान करने के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, विद्यार्थी अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी ई-मित्र केंद्र के जरिए भी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इन पाठ्यक्रमों के लिए खुला मौका
मुख्य परीक्षा सत्र 2025-26 के तहत स्नातक स्तर के विभिन्न सेमेस्टर पाठ्यक्रमों के छात्र आवेदन करने के पात्र हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- स्नातक द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर (जून 2026 परीक्षा)
- बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएससी (आईटी), बीसीए, बीबीए
- बीएससी (होम साइंस, फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन, नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस)
- बीपीईएस, बीए ऑनर्स (इकोनॉमिक्स, ज्योग्राफी, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस)
- बीकॉम ऑनर्स, एबीएसटी, ऑनर्स केमिस्ट्री और गणित (सेमेस्टर द्वितीय व चतुर्थ)
आवेदन की विस्तृत समय-सीमा
विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार छात्र निम्न तिथियों तक फॉर्म भर सकते हैं:
- बिना लेट फीस: 24 जुलाई 2026 तक।
- 100 रुपए लेट फीस के साथ: 28 जुलाई 2026 तक।
- परीक्षा शुल्क के बराबर लेट फीस के साथ: 31 जुलाई 2026 तक।
आवेदन से जुड़ी विस्तृत दिशा-निर्देश और शुल्क संबंधी पूरी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।
प्रैक्टिकल परीक्षाओं की डेडलाइन भी बढ़ाई गई
विश्वविद्यालय ने मास्टर्स (पीजी) के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के विज्ञान संकाय के उन विषयों की आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए भी तिथि विस्तारित कर दी है, जिनकी थ्योरी परीक्षाएं 9 जुलाई को संपन्न हो चुकी हैं। अब इन परीक्षाओं को 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना विश्वविद्यालय की अनुमति के किसी भी कॉलेज में प्रैक्टिकल एग्जाम नहीं लिए जाएंगे। यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित कॉलेज के प्रिंसिपल सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे और ऐसे छात्रों के अंक मान्य नहीं किए जाएंगे। सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर अंक अपलोड करें और हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय को प्रेषित करें। अन्यथा, संबंधित छात्रों का परिणाम ‘अनुपस्थित’ मानते हुए जारी किया जाएगा।
संबंधित खबर: फर्जी डिग्री मामला
मेवाड़ यूनिवर्सिटी का पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर गिरफ्तार: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री के इस्तेमाल के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने सरेंडर किया था।









