विदिशा में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों और पत्थरों से हुआ हमला
मध्य प्रदेश के विदिशा शहर के व्यस्त नीमताल चौराहे पर सोमवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्थायी चौपाटी पर दुकान लगाने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच भीषण विवाद हो गया। यह मामूली कहासुनी चंद मिनटों में ही हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 15 से 20 युवकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवकों को सड़कों पर खुलेआम पत्थरबाजी करते देखा जा सकता है।
दुकान लगाने की जगह बनी विवाद की जड़
जानकारी के मुताबिक, नीमताल स्थित गांधी प्रतिमा के पास लंबे समय से खाने-पीने की अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं। सोमवार शाम को दुकान लगाने की जगह को लेकर दो दुकानदारों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक मौके पर जुट गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सड़क पर पड़े बड़े पत्थरों को हथियार बनाकर एक-दूसरे पर बरसाया गया। इस दौरान पूरे इलाके में दहशत फैल गई और राहगीरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- अतिक्रमण का मुद्दा: स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा लाखों खर्च कर चौपाटी बनाने के बावजूद अवैध ठेले यहीं लग रहे हैं।
- यातायात में बाधा: इन अस्थायी दुकानों के कारण क्षेत्र में अक्सर अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है।
- सुरक्षा पर सवाल: शहर के मुख्य चौराहे पर इस तरह की हिंसा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, दर्ज होगा मामला
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, झगड़ा करने वाले दोनों पक्ष एक ही समाज से जुड़े बताए जा रहे हैं। मारपीट में घायल हुए कुछ लोगों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।









