मध्य प्रदेश: बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, आय से 258 फीसदी अधिक संपत्ति का खुलासा
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी (एमपीपीकेवीवीसीएल) के अधीक्षण यंत्री (वित्त) शिवराम सेमिल पर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना सहित कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सेमिल के पास उनकी वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में अंजाम दी गई है।
करोड़ों की फैक्ट्रियां और आलीशान मकानों का जखीरा
छापेमारी के दौरान जांच दल को करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों का पता चला है। इंदौर के सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 प्लॉट पर बना तीन मंजिला मकान, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये है, टीम के हाथ लगा है। इसके अलावा, पीथमपुर सेक्टर-3 में उनके बेटे शुभम सेमिल के नाम पर संचालित ‘शुभम इलेक्ट्रिकल’ फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, जहां ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। लगभग 880 वर्गमीटर में फैली इस फैक्ट्री में करीब 1.25 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
- कर्निश पावरजोन: बहू और परिजनों के नाम पर संचालित इस फर्म में 50 लाख रुपये की शेयर पूंजी है। इसके नाम पर पीथमपुर में दो औद्योगिक प्लॉट खरीदे गए हैं, जहां नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। यहाँ 1 करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है।
- एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स: धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में दामाद और बेटे के नाम पर संचालित इस यूनिट में 1.50 करोड़ रुपये का निवेश पाया गया है।
- अन्य फर्म: लोकायुक्त को ‘कृष्णा पावर’ और ‘ए-वन इलेक्ट्रिकल’ जैसी अन्य फैक्ट्रियों के भी सुराग मिले हैं, जो रिश्तेदारों के नाम पर चलाई जा रही थीं।
इलेक्ट्रिक कार और आलीशान दफ्तरों का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने न केवल संपत्तियां बनाईं, बल्कि कई दफ्तर भी खोले थे। सिलिकॉन सिटी के सप्तश्रृंगी नगर में 60 लाख रुपये की कीमत का कार्यालय और एयरपोर्ट रोड व देवास नाका क्षेत्र में भी दफ्तर मिले हैं। इसके अलावा, ओमेक्स सिटी में प्लॉट और 15 लाख रुपये की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी बरामद की गई है। मुरैना के रविदास नगर में 50 लाख रुपये का दो मंजिला मकान भी टीम के रडार पर है, जिसकी जांच ग्वालियर लोकायुक्त की टीम कर रही है।
वैध आय से कहीं अधिक है संपत्ति का आंकड़ा
लोकायुक्त के आंकड़ों के अनुसार, शिवराम सेमिल को अपने पूरे सेवाकाल के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये का वेतन प्राप्त हुआ है। हालांकि, अब तक की पड़ताल में 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों और निवेश का पता चला है। जीवन-यापन के खर्च को जोड़ने के बाद यह आंकड़ा 7.16 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जो उनकी कुल आय से 258 फीसदी ज्यादा है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, दिनेश पटेल और दीपक शेजवार सहित विभिन्न टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। इस बड़ी कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।









