Tamia Eklavya School: घटिया खाने पर प्राचार्य और उप-प्राचार्य पर गिरेगी गाज


छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया था। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच करवाई। जांच में विद्यालय प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर हरेंद्र…

छिंदवाड़ा: एकलव्य विद्यालय में भोजन पर बवाल, प्राचार्य और उप-प्राचार्य पर गिरी गाज

छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया था। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच करवाई। जांच में विद्यालय प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए विद्यालय के प्राचार्य और उप-प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

प्रशासनिक जांच में खुली पोल

छात्रों द्वारा भोजन की गुणवत्ता और अव्यवस्था को लेकर की गई शिकायतों के बाद, कलेक्टर हरेंद्र नारायण के निर्देश पर जनजातीय कार्य विभाग की एक विशेष टीम ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल भोजन की गुणवत्ता की परख की, बल्कि विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियों को बारीकी से समझा। इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

  • छात्रों ने बताया कि वे पहले भी कई बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर चुके थे।
  • जांच टीम ने भोजन वितरण प्रणाली और निगरानी तंत्र की भी गहन पड़ताल की।
  • जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रबंधन ने शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया।

जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

जांच रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि भोजन व्यवस्था की निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस गंभीर चूक के चलते कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुशवाह और उप-प्राचार्य दिनेश कुमार (पीजीटी) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। इस संबंध में एक विस्तृत प्रतिवेदन आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल को प्रेषित कर दिया गया है।

प्रबंधन में हड़कंप, सुधार के कड़े निर्देश

जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद विद्यालय प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाला भोजन न केवल पौष्टिक होना चाहिए, बल्कि उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने प्रबंधन को भविष्य के लिए सख्त निर्देश दिए हैं:

भोजन व्यवस्था में सुधार और नियमित निरीक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों की शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से विद्यालय परिसर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का दबाव बढ़ गया है।