भिंड जिले में एल्डरमेन की नियुक्ति: 53 नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी
भिंड जिले की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में लंबे समय से प्रतीक्षित एल्डरमेन (मनोनीत पार्षद) की सूची आखिरकार सोमवार को जारी कर दी गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले की तीन नगर पालिकाओं और आठ नगर परिषदों में कुल 53 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय प्रतिनिधियों को एल्डरमेन के पद पर नियुक्त किया गया है। इन सदस्यों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य नगर के विकास कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इन निकायों में हुई नियुक्तियां
जारी आदेश के तहत जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में नए एल्डरमेन की तैनाती की गई है। इसमें संगठन के अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिन निकायों में नियुक्तियां की गई हैं, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- नगर पालिका परिषद: भिंड, गोहद और लहार।
- नगर परिषद: अकोड़ा, मेहगांव, गोरमी, रौन, मौ, फूप, मालनपुर, आलमपुर और दबोह।
क्या होती है एल्डरमेन की भूमिका और जिम्मेदारी?
एल्डरमेन का चयन सीधे शासन द्वारा किया जाता है। ये सदस्य स्थानीय निकायों की बैठकों में शामिल होकर नगर विकास के प्रस्तावों, जनहित की योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखते हैं। हालांकि इनके मतदान के अधिकार संबंधित कानूनों के प्रावधानों पर निर्भर करते हैं, लेकिन स्थानीय निकायों के नीतिगत फैसलों में इनकी सलाहकारी भूमिका अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
शासन का मुख्य उद्देश्य अनुभवी और सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्तियों को नगरीय प्रशासन की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि शहरों के विकास कार्यों को नई गति दी जा सके। इन 53 नवनियुक्त सदस्यों से उम्मीद जताई जा रही है कि वे अपने-अपने वार्डों और क्षेत्रों की समस्याओं को परिषद के पटल पर मजबूती से रखेंगे और आम जनता व प्रशासन के बीच एक सेतु का कार्य करेंगे।









