Jaisalmer स्टेशन का होगा कायाकल्प, 110 करोड़ से बढ़ेंगी सुविधाएं

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 140 करोड़ रुपये की लागत से संवारे गए जैसलमेर रेलवे स्टेशन को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्टेशन की क्षमता में विस्तार और भविष्य की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 110.51 करोड़ रुपये की नई परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस…

जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प: 110.51 करोड़ के नए प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 140 करोड़ रुपये की लागत से संवारे गए जैसलमेर रेलवे स्टेशन को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्टेशन की क्षमता में विस्तार और भविष्य की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 110.51 करोड़ रुपये की नई परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी रेलवे की गति शक्ति यूनिट को सौंपी गई है, जो निर्धारित समय में इसे पूरा करेगी।

पर्यटन सीजन में यात्रियों को मिलेगी राहत

देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार जैसलमेर में साल भर देशी और विदेशी सैलानियों का तांता लगा रहता है। विशेषकर सर्दियों के पर्यटन सीजन के दौरान ट्रेनों और यात्रियों की भारी भीड़ के कारण दबाव काफी बढ़ जाता है। इसी स्थिति को भांपते हुए रेलवे ने विस्तार का खाका तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिससे आगामी समय में रेल संचालन और अधिक सुगम हो जाएगा।

क्या-क्या होंगे बड़े बदलाव?

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद जैसलमेर स्टेशन पश्चिमी राजस्थान के सबसे आधुनिक और हाई-टेक स्टेशनों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। स्टेशन के विस्तार में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:

  • स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म (संख्या 4 और 5) का निर्माण किया जाएगा।
  • दो नई रनिंग लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि ट्रेनों का आवागमन सुचारू रहे।
  • एक अतिरिक्त पिट लाइन का निर्माण किया जाएगा।
  • यात्रियों की सुविधा के लिए एक नया सेकंड एंट्री गेट तैयार होगा।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा सीमांत स्टेशन

जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट जैसलमेर स्टेशन की सूरत और कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल देगा। इस विस्तार से न केवल स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी। सीमांत क्षेत्र के इस स्टेशन के आधुनिकीकरण से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।