Support: सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे छत्तीसगढ़ के किसान, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग


दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को अब छत्तीसगढ़ के किसानों का भी बड़ा समर्थन मिल गया है। सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में आज बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और अपनी आवाज बुलंद की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में किसानों ने एक विशाल मानव…

सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतरे छत्तीसगढ़ के किसान, सरकार से की ये बड़ी मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को अब छत्तीसगढ़ के किसानों का भी बड़ा समर्थन मिल गया है। सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में आज बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और अपनी आवाज बुलंद की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में किसानों ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार को सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का आंदोलन केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि यह देश के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और छात्रों के हितों से जुड़ा हुआ है। संगठन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।

शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

भारतीय किसान यूनियन ने देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और लगातार हो रहे पेपर लीक ने छात्रों का मनोबल तोड़ दिया है। अपनी मांगों को दोहराते हुए संगठन ने कहा:

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
  • देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल और व्यापक सुधार की सख्त आवश्यकता है।
  • परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

पर्यावरण संरक्षण और विकास के नाम पर हो रहे दोहन का विरोध

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पर्यावरण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर जल, जंगल और जमीन का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। इसके कारण स्थानीय समुदायों को अपने ही घरों से विस्थापित होना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि जिन भी परियोजनाओं का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है, उन्हें सरकार तत्काल प्रभाव से निरस्त करे।

इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, गरियाबंद जिलाध्यक्ष मदनलाल साहू, महासमुंद जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर और फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। अंत में संगठन ने सरकार से अपील की कि वे लोकतांत्रिक आंदोलनों का सम्मान करें और आम जनता व किसानों की आवाज को गंभीरता से सुनें।