खंडवा नगर निगम में आठ एल्डरमैन की नियुक्ति, भाजपा के विभिन्न गुटों को मिला प्रतिनिधित्व
मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों के लिए एल्डरमैन यानी मनोनीत पार्षदों की सूची जारी की है। इस प्रक्रिया के तहत खंडवा नगर निगम के लिए भी आठ नामों पर मुहर लगा दी गई है। नियुक्त किए गए सभी आठ एल्डरमैन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता हैं। सूची जारी होते ही शहर के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि किस नेता ने अपने करीबियों को इस पद पर जगह दिलाई है।
किन्हें मिली जिम्मेदारी?
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, खंडवा नगर निगम में निम्नलिखित आठ लोगों को एल्डरमैन के रूप में मनोनीत किया गया है:
- शारदा तांदले
- तजेंद्र बाथम
- स्वर्णजीत सिंह चड्ढा
- मंगलेश तोमर
- डॉ. शिवशंकर गुर्जर
- लोकेंद्रसिंह गौड़
- महेश चौधरी
- रमाकांत पांडे
ये सभी मनोनीत पार्षद अब नगर निगम की बैठकों में हिस्सा लेंगे और शहर के विकास कार्यों एवं नीतिगत फैसलों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
भाजपा के गुटीय समीकरण और दावेदारी
एल्डरमैन की सूची में शामिल नामों को लेकर भाजपा के अंदरूनी गुटीय समीकरण भी साफ नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इन नियुक्तियों में पार्टी के कद्दावर नेताओं की पसंद का पूरा ध्यान रखा गया है:
| नाम | जुड़ाव/गुट |
|---|---|
| शारदा तांदले | मंत्री विजय शाह गुट (भावना शाह की करीबी) |
| तजेंद्र बाथम | सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल गुट |
| स्वर्णजीत सिंह चड्ढा | महापौर अमृता यादव गुट |
| मंगलेश तोमर | भाजपा जिलाध्यक्ष एवं महापौर संयुक्त गुट |
| डॉ. शिवशंकर गुर्जर | भाजपा जिलाध्यक्ष राजपालसिंह तोमर गुट |
| लोकेंद्रसिंह गौड़ | विधायक कंचन तनवे गुट |
| महेश चौधरी | सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल गुट |
| रमाकांत पांडे | पार्टी का आश्वासन (पूर्व में बगावत शांत कराने हेतु) |
एल्डरमैन की भूमिका और महत्व
नगर निगम में एल्डरमैन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इन्हें उन व्यक्तियों में से चुना जाता है जो समाजसेवा, शिक्षा, चिकित्सा, कानून या प्रशासन जैसे क्षेत्रों में विशेष अनुभव रखते हैं। एल्डरमैन को निगम की बैठकों में वोट देने का अधिकार तो नहीं होता, लेकिन वे शहर के विकास और जनहित से जुड़ी योजनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण राय रख सकते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य नगर निगम के कामकाज में अनुभवी और प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
नियुक्ति के बाद अब देखना यह होगा कि ये नए एल्डरमैन शहर के विकास कार्यों में किस तरह की गति लाते हैं और आगामी समय में पार्टी के भीतर के गुटीय संतुलन पर इसका क्या असर पड़ता है।










