पाकिस्तान में ईंधन संकट: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल, अब हर रोज बदलेंगे दाम
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान की जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई घोषणा के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में 5.44 पाकिस्तानी रुपये और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 31.05 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। ये नई दरें 18 जुलाई से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं।
ईंधन की नई कीमतें और मौजूदा स्थिति
इस ताजा वृद्धि के बाद आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में अब पेट्रोल और डीजल की दरें इस प्रकार हैं:
| ईंधन का प्रकार | नई कीमत (प्रति लीटर) |
|---|---|
| पेट्रोल | 316.15 रुपये |
| हाई-स्पीड डीजल | 354.35 रुपये |
हालांकि, ये कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से अभी भी नीचे हैं। गौरतलब है कि 3 अप्रैल को डीजल 520.35 रुपये और पेट्रोल 458.41 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से ही वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान के ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।
अब हर रोज तय होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब कीमतें साप्ताहिक आधार पर नहीं, बल्कि रोजाना तय की जाएंगी।
- OGRA की जिम्मेदारी: ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) अब रोजाना सुबह अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई कीमतें जारी करेगी।
- पारदर्शिता का दावा: सरकार का कहना है कि वे टैक्स, डीलर मार्जिन और अन्य खर्चों का पूरा विवरण सार्वजनिक करेंगे ताकि जनता को कीमतों के निर्धारण की प्रक्रिया समझ आ सके।
टैक्स का बोझ और डीलर्स का विरोध
पाकिस्तान सरकार फिलहाल पेट्रोल और डीजल के हर लीटर पर लगभग 105 रुपये का भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इसमें पेट्रोलियम लेवी, कस्टम ड्यूटी और क्लाइमेट सपोर्ट लेवी जैसे कई शुल्क शामिल हैं। वहीं, ‘ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन’ ने सरकार के इस डेली प्राइसिंग मॉडल का कड़ा विरोध किया है। डीलर्स का तर्क है कि रोज दाम बदलने से स्टॉक मैनेजमेंट और व्यापार करना असंभव हो जाएगा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला, तो वे अगले हफ्ते देशभर में हड़ताल करेंगे।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है, जो अपनी दैनिक जरूरतों के लिए टू-व्हीलर्स और छोटी कारों पर निर्भर हैं। वहीं, डीजल की कीमतों में वृद्धि से देश में महंगाई के और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि परिवहन क्षेत्र और बिजली उत्पादन के लिए डीजल का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की खपत होती है, जो सरकार के लिए राजस्व जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है।









