झालावाड़ सिंधी समाज की कमान फिर जितेन्द्र मामतानी के हाथों में, सर्वसम्मति से चुने गए अध्यक्ष
झालावाड़ के सिंधी समाज में नेतृत्व की निरंतरता और विश्वास की एक नई मिसाल देखने को मिली है। हाल ही में संपन्न हुई समाज की महत्वपूर्ण बैठक में जितेन्द्र मामतानी को सर्वसम्मति से एक बार फिर निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में चुन लिया गया है। समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और सदस्यों ने उनके पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों और सेवा भाव को देखते हुए उन पर फिर से भरोसा जताया है।
नेतृत्व का लंबा अनुभव और समाज के प्रति समर्पण
जितेन्द्र मामतानी का सामाजिक जीवन सेवा और समर्पण का पर्याय रहा है। अध्यक्ष पद की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने से पहले, उन्होंने समाज की सेवा के लिए एक लंबा सफर तय किया है। उनके अनुभव को निम्न तालिका से समझा जा सकता है:
| पद का नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| नवयुवक मंडल अध्यक्ष | 6 वर्ष |
| पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष | 3 वर्ष |
अपने पिछले कार्यकालों के दौरान मामतानी ने समाज को एकजुट करने, युवाओं को संस्कारों से जोड़ने और सामुदायिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के कारण ही समाज के हर वर्ग ने उनके नाम पर एक स्वर में सहमति जताई है।
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ अभिनंदन
इस अवसर पर झालावाड़ के अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने फूल-मालाओं के साथ श्री मामतानी का भव्य अभिनंदन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में निम्नलिखित नाम शामिल रहे:
- खैराज काशवानी और प्रभुलाल खुशलानी
- इन्द्रजीत काशवानी और हंसराज खत्री
- खेमराज खत्री और संदीप हरपालानी
- मनोज रतनानी और पंकज काशवानी
- दीपक खत्री और राजेन्द्र बरलानी
विकास और एकता ही है प्राथमिकता: जितेन्द्र मामतानी
पुनः अध्यक्ष चुने जाने के बाद जितेन्द्र मामतानी ने समाज के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज का यह विश्वास उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। अपने आगामी कार्यकाल की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि:
आगामी कार्ययोजना के मुख्य बिंदु:
- समाज के सर्वांगीण विकास और एकता को और अधिक मजबूती प्रदान करना।
- जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए विशेष अभियान चलाना।
- शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने हेतु प्रोत्साहन देना।
- सामुदायिक मेल-मिलाप और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना।
अंत में, मामतानी ने संकल्प लिया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सिंधी समाज के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।










