उत्तराखंड: बेरोजगारी से बेहाल युवा, गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरा

देहरादून में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों के शासनकाल में भाजपा सरकार राज्य की बुनियादी समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह विफल रही है। गोदियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज प्रदेश…

उत्तराखंड में सियासी पारा गर्म: गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार को घेरा

देहरादून में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों के शासनकाल में भाजपा सरकार राज्य की बुनियादी समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह विफल रही है। गोदियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज प्रदेश का युवा बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर है, जिसके कारण पहाड़ों से निरंतर पलायन जारी है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि इतने लंबे कार्यकाल में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?

गोदियाल ने आगे कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है, जिससे आम जनता त्रस्त है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के अपने ही विधायक सरकार के कामकाज और कमीशनखोरी की पोल खोल रहे हैं, और खुद मुख्यमंत्री पर इसे संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की है कि आगामी चुनावों में पार्टी इन ज्वलंत मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी। उनका कहना है कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

जनता बदलाव के मूड में: कांग्रेस का बड़ा दावा

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की जनता भाजपा सरकार के कामकाज से पूरी तरह निराश हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि महंगाई की मार झेल रही जनता को राहत देने के बजाय सरकार राशन के झोलों पर अपनी तस्वीरें छपवाकर प्रचार करने में व्यस्त है। गोदियाल के अनुसार, सरकार के इन दिखावटी प्रयासों को जनता समझ चुकी है और अब वह सत्ता में एक सकारात्मक परिवर्तन के लिए तैयार है।

  • बेरोजगारी और पलायन: राज्य के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती।
  • भ्रष्टाचार के आरोप: कमीशनखोरी को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल।
  • चुनावी एजेंडा: महंगाई और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस का जोर।
  • प्रचार की राजनीति: सरकारी योजनाओं के नाम पर वाहवाही लूटने का आरोप।