प्रयागराज: बेटियों की शिक्षा और समानता पर राज्यपाल ने दी बड़ी सीख
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बेटियों की शिक्षा और लैंगिक समानता के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के दौर में भी कई परिवार बेटे और बेटी के बीच जो भेदभाव कर रहे हैं, वह समाज के लिए चिंता का विषय है और इसे जड़ से खत्म करना अनिवार्य है।
समाज का सर्वांगीण विकास बेटियों की भागीदारी के बिना असंभव
शुक्रवार को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने इस कड़वे सच पर जोर दिया कि आज भी बहुत से अभिभावक अपने बेटों को बेहतर और निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, जबकि बेटियों को उसी तरह के अवसर या संसाधन नहीं मिल पाते हैं। उन्होंने इसे समाज की संकुचित मानसिकता करार दिया। राज्यपाल ने कहा कि बेटियों को भी लड़कों के समान ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान संसाधन मिलने चाहिए। जब तक समाज में बेटियों को बराबरी का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक देश और समाज का समग्र विकास करना संभव नहीं है।
शिक्षा का उद्देश्य आत्मनिर्भर बनाना है
राज्यपाल ने आगे कहा कि शिक्षा का मकसद केवल डिग्री हासिल करना या नौकरी पाना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। इसलिए, शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों के साथ होने वाला किसी भी प्रकार का भेदभाव कतई स्वीकार्य नहीं है।
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राज्यपाल ने किशोरियों के स्वास्थ्य के प्रति भी गहरी चिंता और जागरूकता दिखाई। उन्होंने फतेहपुर और प्रतापगढ़ में 900 बेटियों के एचपीवी टीकाकरण अभियान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पहल आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होगी। विश्वविद्यालय द्वारा जनस्वास्थ्य के लिए चलाए जा रहे इन जागरूकता अभियानों की उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
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विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को बाल विवाह, लैंगिक असमानता और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए निरंतर कार्य किया है।
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