अमरकंटक नर्मदा मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर उठे सवाल, विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने मांगा श्वेत पत्र
पुष्पराजगढ़ के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आगामी 18 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक से पहले मंदिर की आय-व्यय, चढ़ावे और कुल संपत्तियों का सार्वजनिक ब्योरा मांगा है। विधायक ने एक पत्र और वीडियो संदेश के माध्यम से स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के गठन के समय से लेकर अब तक का पूरा लेखा-जोखा जनता और मीडिया के समक्ष रखा जाना चाहिए।
विधायक मार्को ने अपनी मांग को मजबूती देते हुए कहा कि मां नर्मदा करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि धार्मिक ट्रस्टों की कार्यप्रणाली अक्सर संदेह के घेरे में रहती है, इसलिए पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने मांग की है कि सोने-चांदी, नगद दान और चल-अचल संपत्तियों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
बैठक की तारीख पर असहमति और जनप्रतिनिधियों की व्यस्तता
मंदिर ट्रस्ट की बैठक पहले 15 जुलाई को निर्धारित थी, जिसे बाद में बदलकर 18 जुलाई कर दिया गया है। विधायक मार्को ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बैठक की तारीख फिर से आगे बढ़ाने की मांग की है। उनके अनुसार, विधानसभा और लोकसभा का मानसून सत्र शुरू होने के कारण जनप्रतिनिधि व्यस्त रहेंगे। विधायक ने अपनी मुख्य मांगों को निम्नलिखित रूप में रखा है:
- ट्रस्ट के गठन के बाद से अब तक का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
- चढ़ावे में प्राप्त सोने-चांदी और नगद राशि का स्पष्ट ब्योरा दिया जाए।
- विकास कार्यों पर हुए खर्चों की पूरी जानकारी जनता के सामने रखी जाए।
- बैठक की तारीख बदली जाए ताकि सभी सदस्य चर्चा में शामिल हो सकें।
सुविधाओं के अभाव पर ट्रस्ट की कार्यक्षमता पर प्रहार
विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक में श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी ट्रस्ट को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मंदिर ट्रस्ट आर्थिक रूप से इतना संपन्न है, तो तीर्थयात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों जूझना पड़ रहा है? उन्होंने अमरकंटक की बदहाल स्थिति पर कुछ मुख्य बिंदु उठाए हैं:
| सुविधा का प्रकार | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| साफ-सफाई और पेयजल | अत्यंत दयनीय स्थिति |
| पार्किंग और यातायात | अव्यवस्थित और चुनौतीपूर्ण |
| यात्री निवास | नाकाफी और खराब स्तर |
विधायक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि वे बैठक में शामिल नहीं भी हो पाते हैं, तो भी ट्रस्ट को बैठक के तुरंत बाद सारी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा करने से ही जनता के बीच बना भ्रम दूर होगा और ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर लगा प्रश्नचिह्न हट सकेगा।










