रायपुर: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस का बड़ा हमला, चंदे में गड़बड़ी के लगाए आरोप
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीति उस समय गरमा गई जब रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस भवन में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान उपाध्याय ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाने पर लेते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में पारदर्शिता का अभाव है।
आस्था के नाम पर खिलवाड़ का आरोप
विकास उपाध्याय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा का केंद्र हैं। देशभर के श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा दान दिया था। ऐसे में ट्रस्ट के भीतर हो रही कथित आर्थिक गड़बड़ियां न केवल वित्तीय अपराध हैं, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि चंदे का एक-एक पैसा हिसाब-किताब के दायरे में होना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति संदेह पैदा करती है।
जांच की मांग और उठते सवाल
कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं:
- ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे: ट्रस्ट से जुड़े कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के अचानक इस्तीफे ने मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है।
- पारदर्शिता का अभाव: यदि सब कुछ नियमानुसार था, तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?
- जनभावनाओं का सम्मान: करोड़ों लोगों की श्रद्धा से जुड़े इस विषय पर सरकार को चुप्पी तोड़कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
| विषय | कांग्रेस का पक्ष |
|---|---|
| आरोप | श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितता। |
| मांग | मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच। |
| मुद्दा | करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और दान का दुरुपयोग। |
अंत में विकास उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया गया, तो कांग्रेस पार्टी इसे जन-आंदोलन का रूप देगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी को अब जवाबदेही तय करनी होगी।










