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नरसिंहपुर: मक्का बीज नहीं उगने से मचा बवाल, किसान को लाखों का नुकसान
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मक्का बीज के अंकुरण न होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। खराब बीज मिलने से आक्रोशित किसान ने सीधे कलेक्टर के पास गुहार लगाई है। इस विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है, जहां एक ओर किसान ने दुकानदार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, वहीं दुकानदार ने इसे प्राकृतिक आपदा यानी भारी बारिश का नतीजा बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
26,600 रुपये में खरीदे थे बीज, अब हुआ भारी घाटा
पीड़ित किसान शुभम अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि पर बुवाई के लिए स्थानीय विक्रेता से वायर कंपनी के ‘डिलाव 9126’ वैरायटी के मक्का बीज खरीदे थे। किसान के अनुसार, उन्होंने कुल 14 पैकेट बीज खरीदे थे, जिनकी कीमत 26,600 रुपये थी। शुभम का दावा है कि बुवाई के कई दिन बीत जाने के बाद भी खेत में एक भी बीज का अंकुरण नहीं हुआ, जिससे उन्हें लगभग साढ़े चार लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
विक्रेता का तर्क: बीज सही, बारिश ने किया खेल
दूसरी ओर, बीज विक्रेता ने किसान के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। दुकानदार का कहना है कि उसी बैच के बीज क्षेत्र के करीब 1000 एकड़ से अधिक भूमि पर बोए गए हैं, लेकिन कहीं से भी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। दुकानदार ने अपनी सफाई में निम्नलिखित तर्क दिए हैं:
- कंपनी की ओर से प्राप्त टेस्ट रिपोर्ट में बीज की गुणवत्ता पूरी तरह मानक के अनुरूप है।
- क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के कारण बीज खेत में ही सड़ गए होंगे।
- विक्रेता ने इसे बीज की गुणवत्ता से अधिक मौसम की मार बताया है।
कृषि विभाग की टीम करेगी मामले की पड़ताल
मामले को बढ़ता देख गोटेगांव के कृषि विकास अधिकारी आर.एन. त्रिपाठी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। इस टीम में कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ और कृषि वैज्ञानिक शामिल हैं। जांच दल के कार्यों का विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
| जांच का मुख्य बिंदु | प्रक्रिया |
|---|---|
| खेत का निरीक्षण | विशेषज्ञ टीम मौके पर जाकर मिट्टी और बीज की स्थिति देखेगी। |
| सैंपल जांच | बीज के बचे हुए पैकेटों को लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। |
| अंतिम रिपोर्ट | जांच के बाद दोषी पाए जाने पर विक्रेता पर कानूनी कार्रवाई होगी। |
फिलहाल, प्रशासन ने किसान को संयम बरतने की सलाह दी है और भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उचित कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने क्षेत्र के अन्य किसानों के बीच भी चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।









