डिंडोरी में नौ दिन के सूखे के बाद लौटा मानसून, झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। करीब नौ दिनों के अंतराल के बाद गुरुवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। आसमान में घने बादलों ने डेरा जमा लिया है और रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से पूरे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बारिश के चलते तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
मौसम विभाग का अलर्ट और बारिश के आंकड़े
मौसम विभाग ने डिंडोरी जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है। हालांकि, जिले में इस साल मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। पिछले वर्ष की तुलना में आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
| विवरण | वर्ष 2024 | वर्ष 2023 |
|---|---|---|
| 1 जून से अब तक की बारिश | 11 इंच | 18 इंच |
| औसत तापमान | 23°C – 27°C | – |
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार लगभग 7 इंच कम बारिश दर्ज की गई है, जो कुल औसत का करीब 33 प्रतिशत कम है। वर्तमान में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
किसानों के लिए ‘अमृत’ बनी बारिश
लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और धान की फसल सूखने की कगार पर थी। इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। स्थानीय किसान तुलसीराम ने इसे ‘अमृत वर्षा’ करार दिया है। उन्होंने बताया कि धान का रोपा तैयार होने के बावजूद पानी की कमी से वे बुवाई नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब वे जल्द ही खेतों में काम शुरू करने की तैयारी में हैं।
कृषि वैज्ञानिकों की विशेष सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह ने इस बारिश को फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया है। उन्होंने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- जिन किसानों की फसलें पानी की कमी से सूख गई हैं, वे खेत को दोबारा तैयार कर सकते हैं।
- अंकुरण न होने वाली फसलों के स्थान पर किसान अब नई बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- खेतों में नमी बनी रहने के कारण अब फसल के विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, डिंडोरी में हो रही यह बारिश न केवल तापमान को नियंत्रित कर रही है, बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आई है।









