Dhar: 9 दिन से बारिश नहीं, खेतों में सूख रही सोयाबीन की फसल

मध्य प्रदेश के धार शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले नौ दिनों से मानसून की बेरुखी बनी हुई है। बारिश का दौर पूरी तरह थम जाने के कारण क्षेत्र में तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस सूखे जैसे हालात ने सबसे ज्यादा चिंता अन्नदाता…

धार में नौ दिनों से बारिश गायब, सोयाबीन की फसल पर मंडराया संकट

मध्य प्रदेश के धार शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले नौ दिनों से मानसून की बेरुखी बनी हुई है। बारिश का दौर पूरी तरह थम जाने के कारण क्षेत्र में तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस सूखे जैसे हालात ने सबसे ज्यादा चिंता अन्नदाता की बढ़ा दी है, जो अपनी फसल को बचाने के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

शुरुआती मानसून की अच्छी बारिश के बाद सोयाबीन की फसल ने काफी बेहतर बढ़वार की थी, लेकिन अब पर्याप्त नमी न मिलने के कारण फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। खेतों की मिट्टी तेजी से सूख रही है और कई इलाकों से फसल के मुरझाने की खबरें भी सामने आने लगी हैं। नमी की कमी के कारण पौधों की विकास प्रक्रिया धीमी पड़ गई है, जो आने वाले समय में पैदावार के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।

फसल की स्थिति और किसानों का संघर्ष

फिलहाल किसान अपने खेतों में खरपतवार हटाने का काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनके मन में एक ही डर है कि कहीं फसल पूरी तरह बर्बाद न हो जाए। यदि आने वाले कुछ दिनों में इंद्रदेव मेहरबान नहीं हुए, तो सोयाबीन की बंपर पैदावार का सपना टूट सकता है। किसानों की मौजूदा स्थिति को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

मुद्दावर्तमान स्थिति
बारिश का अंतराल9 दिन से पूरी तरह गायब
फसल पर असरनमी की कमी से सोयाबीन मुरझाने लगी
किसानों की गतिविधिखरपतवार हटाने का कार्य जारी
मुख्य चिंतापैदावार में भारी गिरावट का डर

महेंद्र सिंह राजपूत: ‘फसल बचाना मुश्किल’

स्थानीय किसान महेंद्र सिंह राजपूत ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेत दरकने लगे हैं। उन्होंने बताया कि सोयाबीन की फसल अब नाजुक दौर में है और उसे तत्काल पानी की आवश्यकता है। यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा, जिसकी भरपाई करना उनके लिए बेहद कठिन होगा।

उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन बेहाल

बारिश के थमने और तेज धूप के कारण केवल किसान ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी परेशान हैं। जिले में उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हैं। अब हर किसी की निगाहें मानसून की वापसी पर टिकी हैं, ताकि गर्मी से राहत मिल सके और किसानों के खेतों में फिर से हरियाली लौट सके।