अयोध्या रामलला आरती: 17 जुलाई के विशेष दर्शन और दैनिक दिनचर्या की झलक
अयोध्या रामलला आरती लाइव दर्शन 17 जुलाई: अयोध्या के भव्य मंदिर में विराजमान प्रभु श्री रामलला का नित्य श्रृंगार एक अलौकिक अनुभव प्रदान करता है। जगत के पालनहार प्रभु राम प्रतिदिन भक्तों को अपने मोहक और दिव्य रूप में दर्शन देते हैं। उनकी पूजा-अर्चना में विशेष सावधानी बरती जाती है, जिसमें दिल्ली से मंगाई गई ताजे फूलों की मालाओं का उपयोग किया जाता है। रामलला की दैनिक पूजा का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे पहली आरती के साथ होता है, जहाँ भगवान को निद्रा से जगाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके उपरांत प्रभु का स्नान, लेप और आकर्षक वस्त्रों से श्रृंगार किया जाता है।
प्रभु श्री राम के वस्त्रों का चयन मौसम और तिथि के अनुसार किया जाता है। भीषण गर्मियों के दौरान उन्हें विशेष रूप से सूती और आरामदायक वस्त्र पहनाए जाते हैं। मंदिर में पूजा की समय-सारणी बेहद व्यवस्थित है, जिसमें दोपहर 12:00 बजे भोग आरती और शाम 7:30 बजे संध्या आरती संपन्न होती है। इसके बाद रात 8:30 बजे प्रभु को शयन कराया जाता है। भक्तों के लिए दर्शन का समय शाम 7:30 बजे तक ही निर्धारित है, जिसके बाद मंदिर में शयन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
रामलला का भोग और दैनिक अनुष्ठान
रामलला को दिनभर में चार बार विशेष भोग अर्पित किया जाता है। मंदिर की पवित्र रसोई में तैयार किए गए शुद्ध और सात्विक व्यंजन प्रभु को परोसे जाते हैं, जिसकी शुरुआत सुबह ‘बाल भोग’ से होती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, विक्रम संवत 2082 (17 जुलाई) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में प्रभु रामलला का अत्यंत भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया।
| कार्यक्रम | निर्धारित समय |
|---|---|
| प्रातः आरती | सुबह 6:30 बजे |
| भोग आरती | दोपहर 12:00 बजे |
| संध्या आरती | शाम 7:30 बजे |
| शयन आरती | रात 8:30 बजे |
- उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- देश-दुनिया की अपडेट्स के लिए लल्लूराम डॉट कॉम के साथ बने रहें










