Protest: टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का अनशन, 17 दिन से जारी है धरना

मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित टंट्याभील चौराहे पर छात्रों का एक समूह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह प्रदर्शन किसी भी हाल में समाप्त नहीं होगा। गुरुवार को…

इंदौर में छात्रों का महाआंदोलन: 17 दिनों से जारी है अनिश्चितकालीन धरना

मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित टंट्याभील चौराहे पर छात्रों का एक समूह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह प्रदर्शन किसी भी हाल में समाप्त नहीं होगा। गुरुवार को इस आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया, जब एक छात्र ने सरकार को जगाने के लिए एक दिवसीय उपवास रखा। इस दौरान छात्र ने न तो अन्न ग्रहण किया और न ही पानी का एक घूंट पिया।

14 जुलाई के मार्च के बाद भी जारी है संघर्ष

इससे पहले 14 जुलाई को छात्रों ने टंट्याभील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला था, जहां घंटों तक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दबाव में प्रशासन ने उनकी कुछ शुरुआती मांगों पर सहमति जता दी थी। हालांकि, शेष बची हुई मांगों को लेकर छात्र अभी भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और चौराहे पर डटे हुए हैं।

मुख्य मांगें और आंदोलन की स्थिति

छात्रों की कुल 23 सूत्रीय मांगें हैं, जिनमें से कुछ पर सहमति बन चुकी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी अधूरी हैं। आंदोलन की प्रमुख मांगों का विवरण नीचे दिया गया है:

  • नीट (NEET) पेपर लीक मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई।
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा।
  • शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार के लिए ठोस कदम।
आंदोलन की अवधिप्रमुख गतिविधि
17 दिनटंट्याभील चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना
14 जुलाईकलेक्टर ऑफिस तक पैदल मार्च

शिक्षा मंत्री को जगाने के लिए रखा अनशन

धरने पर बैठे छात्र अरुण बड़ोले ने बताया कि उनके साथी सतीश कुमार ने गुरुवार को पूरे दिन का निर्जला उपवास रखा है। उन्होंने कहा कि यह अनशन देश के शिक्षा मंत्री को नींद से जगाने के लिए किया गया है। इंदौर में अब छात्रों की यह आवाज बड़े स्तर पर गूंज रही है और पूरे शहर से उन्हें समर्थन मिल रहा है। अरुण ने अन्य छात्रों से भी अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आंदोलन से जुड़ें, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।