CNG के नाम पर CBG की धोखाधड़ी, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

जबलपुर शहर में गैस पंप संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि शहर के कई पंपों पर सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के नाम पर ग्राहकों को चुपके से सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस)…

जबलपुर में सीएनजी के नाम पर सीबीजी का खेल, उपभोक्ताओं से हो रही भारी लूट

जबलपुर शहर में गैस पंप संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि शहर के कई पंपों पर सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के नाम पर ग्राहकों को चुपके से सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) बेची जा रही है। इस खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

क्या है पूरा मामला और कैसे हो रही अवैध वसूली?

उपभोक्ता मंच के अनुसार, शहर के गैस पंप संचालक सीएनजी की निर्धारित दरों पर सीबीजी बेचकर आम जनता की जेब ढीली कर रहे हैं। इस पूरे गोरखधंधे का गणित कुछ इस प्रकार है:

विवरणदर (प्रति किलोग्राम)
उपभोक्ताओं से वसूली जा रही कीमत105 रुपये
सीबीजी की वास्तविक उत्पादन लागत60 रुपये
प्रति किलो अवैध मुनाफा45 रुपये

वाहनों के इंजन को पहुंच रहा गंभीर नुकसान

शिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीबीजी की कैलोरिक वैल्यू सीएनजी की तुलना में काफी कम होती है। इसके कारण वाहन चालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुख्य नुकसान निम्नलिखित हैं:

  • माइलेज में भारी गिरावट: सीबीजी के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज 5 से 6 किलोमीटर प्रति किलो तक घट गया है।
  • इंजन में जंग का खतरा: बायो गैस में मौजूद ऑक्सीजन नमी को तेजी से सोखती है, जिससे इंजन के आंतरिक हिस्सों में जंग लगने और तकनीकी खराबी आने की संभावना बढ़ गई है।

प्रशासन ने दिए जांच के सख्त आदेश

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम का सीधा उल्लंघन करार देते हुए दोषी पंप संचालकों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के साथ विश्वासघात करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।