मंडला में निकली भव्य रथयात्रा: ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गुंजायमान हुआ पूरा शहर
मध्य प्रदेश के मंडला में गुरुवार को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की ऐतिहासिक रथयात्रा अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली गई। दोपहर के समय श्री सिद्ध घाट रेवा दरबार (छोटा रपटा) से जैसे ही रथयात्रा का शुभारंभ हुआ, वहां उपस्थित श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। पूरा वातावरण ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष और भक्तिमय भजनों से सराबोर हो गया।
रथयात्रा का मार्ग और भव्यता
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ को श्रद्धापूर्वक खींचने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। यह यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी:
- प्रस्थान बिंदु: श्री सिद्ध घाट रेवा दरबार
- प्रमुख मार्ग: नेहरू स्मारक, स्टेट बैंक चौराहा, लालीपुर, बस स्टैंड, चिलमन चौक और पड़ाव
- गंतव्य: श्रीराम मंदिर
- वापसी मार्ग: श्रीराम मंदिर से चिलमन चौक, बड़ा चौराहा, उदय चौक, तहसील चौराहा और स्टेट बैंक चौराहा होते हुए पुनः रेवा दरबार
भक्तों का उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था
रथयात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ का भव्य स्वागत किया। लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा निवेदित की और भगवान को तुलसी दल व महाप्रसाद अर्पित किए। इस धार्मिक उत्सव में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सुरक्षा और सुचारु यातायात प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का विशेष महत्व है। मंडला में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी देता है। मंडला की सड़कों पर निकली यह रथयात्रा भक्तों के लिए भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम रही, जिसने पूरे शहर को धर्ममय बना दिया।










