प्रतापगढ़: ग्रामीण सेवा शिविर में सुलझे विरासत नामांतरण के मामले, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
प्रतापगढ़ जिले की धमोत्तर पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली मगरी पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर स्थानीय निवासियों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस शिविर में राजस्व विभाग ने वर्षों से लंबित पड़े विरासत नामांतरण के कई जटिल मामलों का मौके पर ही त्वरित समाधान कर दिया। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की और बताया कि इस पहल से उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है।
पीरूलाल और कमतू बाई की समस्या का हुआ समाधान
शिविर के दौरान गांव के निवासी पीरूलाल और कमतू बाई ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उनके पिता बापूलाल के निधन के बाद से ही जमाबंदी में उनका नाम दर्ज नहीं हो पाया था। नामांतरण न होने के कारण उन्हें खेती और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर में मौजूद पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाई। अधिकारियों की तत्परता से उनके पिता की विरासत का नामांतरण सफलतापूर्वक खुल गया।
एक साथ छह अन्य लाभार्थियों को मिला लाभ
इस शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल पीरूलाल और कमतू बाई ही नहीं, बल्कि मगरी पंचायत के छह अन्य परिवारों को भी इसका सीधा लाभ मिला। ये सभी रामाजी के उत्तराधिकारी थे, जो लंबे समय से राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रहे थे। शिविर में प्रक्रिया की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भी आवेदन किया और अधिकारियों ने प्रक्रिया को पूरा करते हुए उन्हें जमाबंदी की प्रतिलिपि सौंपी।
लाभान्वित परिवारों की सूची
| क्रम संख्या | लाभार्थी का नाम |
|---|---|
| 1 | बाबरिया |
| 2 | हुरजी |
| 3 | इंद्रा |
| 4 | गुड़ी |
| 5 | मगदू बाई |
| 6 | सोनिया |
राजस्व विभाग की इस पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। शिविर में उपस्थित तहसीलदार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि राजस्व संबंधी कार्यों का निपटारा आमजन के द्वार पर ही किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान जारी रहेगा।










