टीकमगढ़ में रावतपुरा सरकार की अनूठी पहल: ‘एक रोटी गौ माता के नाम’ अभियान की शुरुआत
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के दलूपुरा गांव में आध्यात्मिक संत रविशंकर महाराज, जिन्हें भक्त ‘रावतपुरा सरकार’ के नाम से जानते हैं, ने गौ-सेवा का एक अनूठा संदेश दिया है। उन्होंने गांव में ‘एक रोटी गौ माता के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान महाराज ने खुद पैदल चलकर गांव के हर घर का दरवाजा खटखटाया और गौ माता के लिए भिक्षा के रूप में रोटी मांगी। उनका यह स्वरूप देख ग्रामीण भावविभोर हो गए और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की।
गौ-संरक्षण और सेवा का महाअभियान
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में गौ-वंश के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को जगाना है। महाराज ने अपनी झोली फैलाकर ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घर की पहली रोटी गौ माता के लिए निकालें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झोली उनके लिए नहीं, बल्कि बेसहारा गौ-वंश के भरण-पोषण के लिए है। इससे पहले भी वे मातृधाम छिपरी में इस तरह का सफल अभियान चला चुके हैं।
ग्रामीणों के लिए बड़ी घोषणाएं और सहायता
दौरे के दौरान महाराज ने दलूपुरा गांव के विकास और शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए, जो ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं:
- शिक्षा का जिम्मा: आर्थिक तंगी के कारण जिन बच्चों की पढ़ाई रुक रही है, उनकी पूरी स्कूल फीस का खर्च महाराज उठाएंगे।
- मेडिकल शिक्षा: रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में दलूपुरा गांव के मेधावी छात्र के लिए एक सीट आरक्षित की जाएगी, जिसका हॉस्टल और पढ़ाई का पूरा खर्च संस्थान वहन करेगा।
- धार्मिक स्थल का जीर्णोद्धार: गांव के प्राचीन मंदिर की मरम्मत और कायाकल्प के लिए महाराज ने 5 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की है।
अंधविश्वास को न कहें, डॉक्टरी इलाज पर दें जोर
महाराज ने ग्रामीण अंचल में फैली कुरीतियों पर प्रहार करते हुए स्वास्थ्य के प्रति एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि यदि किसी को सांप या कोई जहरीला जीव काट ले, तो भूलकर भी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समय की बर्बादी जानलेवा साबित हो सकती है।
| विषय | महाराज की सलाह |
|---|---|
| सांप काटने पर | झाड़-फूंक से बचें, तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। |
| उपचार का आधार | अंधविश्वास नहीं, केवल वैज्ञानिक डॉक्टरी इलाज ही जीवन बचा सकता है। |
अंत में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जीवन अमूल्य है, इसलिए किसी भी आपातकालीन स्थिति में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना ही बुद्धिमानी है। रावतपुरा सरकार के इस दौरे ने न केवल गांव में गौ-सेवा की अलख जगाई है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का एक नया अध्याय भी लिखा है।










