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शिवपुरी: विनायक नगर में बिजली व्यवस्था ध्वस्त, ट्रांसफार्मर में बार-बार लग रही आग
शिवपुरी शहर के पोहरी रोड पर स्थित विनायक नगर कॉलोनी के बाशिंदे इन दिनों भीषण बिजली संकट से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में लगे ट्रांसफार्मर और बिजली की जर्जर केबलों में आए दिन आग लगने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बार-बार हो रही बिजली कटौती और खतरनाक शॉर्ट-सर्किट के कारण निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति यह है कि शिकायत के बावजूद विभाग सुध नहीं ले रहा है।
प्रशासनिक उदासीनता: शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय निवासियों के अनुसार, उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कई बार आवाज उठाई है, लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलोनीवासियों ने 18 जून 2026 को बिजली विभाग को लिखित आवेदन देकर जर्जर ट्रांसफार्मर और पुरानी केबलों को बदलने की मांग की थी। एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों ने 15 जुलाई को कलेक्ट्रेट में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है।
समस्या का विवरण और खतरों की स्थिति
कॉलोनी निवासी गिर्राज कुशवाह ने बताया कि पिछले दो दिनों से ट्रांसफार्मर में लगातार आग लग रही है। केबलों में होने वाले बार-बार शॉर्ट सर्किट से आग सुलगती रहती है, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इस समस्या के कारण लोगों को घंटों अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
| प्रमुख शिकायतें | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| ट्रांसफार्मर में आग | लगातार दो दिनों से जारी |
| बिजली केबल | जर्जर और शॉर्ट-सर्किट का खतरा |
| प्रशासनिक कार्रवाई | अब तक कोई ठोस कदम नहीं |
बारिश में बड़े हादसे का अंदेशा
बारिश के मौसम में बिजली के इन नंगे तारों और जलते ट्रांसफार्मर ने खतरे को और बढ़ा दिया है। रहवासियों ने बताया कि बिजली न आने के कारण कई लोग मजबूरी में ट्रांसफार्मर से सीधे तार जोड़कर बिजली लेने का प्रयास करते हैं, जो बेहद खतरनाक है।
- बिजली के तारों के टूटने से करंट फैलने का बना रहता है डर।
- बड़ौदी बिजली कार्यालय में कई बार दी जा चुकी है चेतावनी।
- प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नई केबल और ट्रांसफार्मर लगाने की मांग।
कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालता है।










