Wasseypur Gangsters: मददगारों पर FIR, 13 साल छिपे रहने के बाद हटे 17 CCTV फुटेज

झारखंड के वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके सहयोगियों को फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। झारखंड पुलिस की एक टीम बुधवार को अंबिकापुर पहुंची और कोतवाली थाने में मामले को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। जांच में यह तथ्य सामने आया है…

वासेपुर के गैंगस्टरों को पनाह देने वालों पर झारखंड पुलिस का शिकंजा, अंबिकापुर में दर्ज कराई FIR

झारखंड के वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके सहयोगियों को फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। झारखंड पुलिस की एक टीम बुधवार को अंबिकापुर पहुंची और कोतवाली थाने में मामले को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बस संचालक बैदुल खान ने शब्बीर आलम को न केवल शरण दी, बल्कि उसके अवैध कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

वहीं, वासेपुर का एक अन्य गैंगस्टर शाकिब अफजल पिछले 13 वर्षों से अंबिकापुर में अपनी पहचान बदलकर छिपकर रह रहा था। शाकिब पर साल 2004 में धनबाद के डॉन फहीम खान के कार्यालय पर AK-47 और अत्याधुनिक हथियारों से हमला करने, हत्या और लूट जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड में अपनी संपत्ति कुर्क होने के बाद शाकिब ने अंबिकापुर को सुरक्षित ठिकाना बना लिया था।

गैंगस्टर फरार, मददगारों पर FIR

करीब 15 दिन पहले जब झारखंड पुलिस गैंगस्टर शब्बीर आलम को दबोचने के लिए अंबिकापुर पहुंची, तो एक नाटकीय घटनाक्रम में शब्बीर का बेटा और उसके साथी पुलिस के सामने आ गए। पुलिस के साथ हुई तीखी बहस के बीच शब्बीर आलम और उसका साथी जावेद वहां से भाग निकले। इस मामले में गैंगस्टर को संरक्षण देने के आरोपी राजहंस बस के संचालक बैदुल खान के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने की खबर मिलते ही बैदुल खान भी अंडरग्राउंड हो गया है।

डिजिटल साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप

झारखंड पुलिस ने फरार गैंगस्टरों की तलाश तेज कर दी है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस इलाके से शब्बीर आलम फरार हुआ, वहां के 17 CCTV कैमरों की फुटेज शातिर तरीके से हटा दी गई। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस की दबिश से पहले ही डिजिटल सबूतों को मिटा दिया गया ताकि जांच की दिशा को भटकाया जा सके।

गैंगस्टरों का अंबिकापुर कनेक्शन

शाकिब अफजल, जो कि फहीम खान के कार्यालय पर हमले का आरोपी है, लंबे समय से अंबिकापुर के लालमाटी इलाके में जंगल के किनारे एक आलीशान मकान बनाकर रह रहा था। जानकारी के अनुसार, शाकिब यहां होटल और जमीन के कारोबार में सक्रिय था। वह बस संचालक बैदुल खान का रिश्तेदार भी बताया जाता है।

आरोपी का नामसंलिप्तता/आरोप
शब्बीर आलमकुख्यात गैंगस्टर, पुलिस हिरासत से फरार
शाकिब अफजल13 साल से फरार, AK-47 हमले का आरोपी
बैदुल खानगैंगस्टरों को शरण देने और कारोबार में मदद का आरोपी

करोड़ों का कारोबार और राजनीतिक आरोप

आरोप है कि बैदुल खान ने गैंगस्टरों के प्रभाव का इस्तेमाल कर बस सेवा और SECL में एम्बुलेंस व अन्य वाहनों को अटैच करके करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि अब इन कारोबारों की कमान शाकिब अफजल संभाल रहा है। भाजपा नेता आलोक दुबे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शाकिब अफजल ने पहाड़ी कोरवा की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाया है। उन्होंने इस पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और फरार अपराधियों की धरपकड़ जारी है। वहीं, सरगुजा के एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि झारखंड पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।