ग्वालियर बना साइबर ठगों का नया अड्डा, फरीदाबाद पुलिस की दबिश में एक गिरफ्तार
ग्वालियर में साइबर अपराध का जाल लगातार फैलता जा रहा है, जिसे तोड़ने के लिए अब बाहरी राज्यों की पुलिस ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात हरियाणा की फरीदाबाद साइबर सेल की टीम ने ग्वालियर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने शहर के आमखो स्थित शिवाजी नगर इलाके में अचानक छापेमारी करते हुए पृथ्वी सिंह नाम के एक युवक को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, आरोपी को फरीदाबाद ले जाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
साढ़े तीन लाख के लेन-देन से खुला राज
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला एक ऑनलाइन धोखाधड़ी की जांच के दौरान सामने आया। फरीदाबाद साइबर पुलिस जब एक ठगी के मामले के पैसों के ट्रेल (मनी ट्रेल) की जांच कर रही थी, तब उन्हें एक बैंक खाते पर संदेह हुआ। जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम में से साढ़े तीन लाख रुपए ग्वालियर निवासी पृथ्वी सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत ग्वालियर का रुख किया और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को दबोच लिया।
क्या होता है ‘म्यूल अकाउंट’?
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पृथ्वी सिंह का बैंक खाता ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। साइबर अपराधी अक्सर सीधे अपने खातों का उपयोग करने के बजाय आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध धन को ठिकाने लगाने के लिए करते हैं।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| आरोपी का नाम | पृथ्वी सिंह |
| ठगी की राशि | साढ़े तीन लाख रुपए |
| स्थान | आमखो, शिवाजी नगर, ग्वालियर |
| पुलिस कार्रवाई | फरीदाबाद साइबर सेल द्वारा गिरफ्तारी |
संदिग्ध खाताधारकों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो चंद रुपयों के लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को सौंप देते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
- पृथ्वी सिंह इस गिरोह का कितना बड़ा हिस्सा है?
- क्या उसने जानबूझकर कमीशन के लिए अपना खाता दिया था?
- इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध लोग कौन-कौन हैं?
इस छापेमारी के बाद ग्वालियर के उन तमाम संदिग्ध खाताधारकों में खलबली मची हुई है, जिनके खातों का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। फरीदाबाद पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर ठग अब कानून की नजरों से ज्यादा दिन नहीं बच पाएंगे।









