सूर्यास्त के बाद क्या न खरीदें?Image Credit source: unsplash
वास्तु शास्त्र: सुख-समृद्धि के लिए शाम के समय इन चीजों से बनाएं दूरी
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में जीवन के हर पहलू के लिए विशेष नियम और समय निर्धारित किए गए हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर ऑफिस से लौटते समय देर शाम को घर का जरूरी सामान खरीद लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद कुछ चीजों की खरीदारी करना अशुभ माना गया है? मान्यता है कि संध्या काल में मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है, ऐसे में कुछ वस्तुओं को खरीदना नकारात्मक ऊर्जा को न्योता दे सकता है। इससे घर की बरकत रुक जाती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे 6 मुख्य चीजें कौन सी हैं जिन्हें शाम के बाद नहीं खरीदना चाहिए।
शाम को खरीदारी करते समय बरतें सावधानी
वास्तु के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में धन और सकारात्मकता का वास होता है, इसलिए इन चीजों की खरीदारी से परहेज करना ही बेहतर है:
| वस्तु | धार्मिक मान्यता |
|---|---|
| नमक | आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। |
| सरसों का तेल | बेवजह के खर्चों में बढ़ोतरी होती है। |
| झाड़ू | मां लक्ष्मी की कृपा में बाधा आती है। |
| काला तिल | शुभ कार्यों में रुकावट आ सकती है। |
| दूध और दही | चंद्रमा और समृद्धि से जुड़ा है, उधार न लें। |
| लोहे की वस्तुएं | शनि देव का प्रभाव, दिन में खरीदना शुभ है। |
नमक और सरसों का तेल
वास्तु में नमक को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। सूर्यास्त के बाद नमक खरीदने से घर में दरिद्रता आ सकती है। वहीं, सरसों का तेल शनि देव से संबंधित है; शाम के बाद इसे खरीदने से घर का बजट बिगड़ सकता है और फिजूलखर्ची बढ़ सकती है।
झाड़ू और काला तिल
झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए इसे शाम के समय घर लाना शुभ नहीं माना जाता। इसी प्रकार, काला तिल का प्रयोग पितृ कर्म और तंत्र क्रियाओं में होता है। शाम ढलने के बाद इसे खरीदने से कार्यों में बाधा आने की आशंका बनी रहती है।
दूध, दही और लोहे का सामान
दूध और दही का संबंध चंद्रमा से है, इसलिए शाम के समय इनका लेन-देन या खरीदारी टालनी चाहिए। इसके अलावा, लोहे से बनी वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची या बर्तन शनिवार या दिन के उजाले में ही खरीदना शुभ होता है, क्योंकि लोहे का सीधा संबंध शनि ग्रह से है।
शाम के समय क्या करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में दीपक जलाना, भगवान की आरती करना और घर को साफ-सुथरा रखना अत्यंत शुभ होता है। इस समय वाद-विवाद और क्रोध से बचना चाहिए ताकि घर का वातावरण सकारात्मक बना रहे और सुख-समृद्धि का वास हो।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है।









