Ayodhya: रामलला का दिव्य श्रृंगार, आज के अलौकिक दर्शन करें लाइव

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के अधिपति प्रभु श्री रामलला का प्रतिदिन अत्यंत भव्य और दिव्य श्रृंगार किया जाता है। हर दिन भक्त अपने आराध्य के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर धन्य हो जाते हैं। प्रभु की सेवा में विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई गई ताजे फूलों की मालाओं का उपयोग होता…

अयोध्या रामलला आरती लाइव: 15 जुलाई के अलौकिक दर्शन और विशेष श्रृंगार

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के अधिपति प्रभु श्री रामलला का प्रतिदिन अत्यंत भव्य और दिव्य श्रृंगार किया जाता है। हर दिन भक्त अपने आराध्य के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर धन्य हो जाते हैं। प्रभु की सेवा में विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई गई ताजे फूलों की मालाओं का उपयोग होता है। रामलला की दिनचर्या का आरंभ सुबह 6.30 बजे पहली आरती के साथ होता है। सबसे पहले प्रभु को निद्रा से जगाया जाता है, जिसके बाद उन्हें लेप लगाकर स्नान कराया जाता है और मनमोहक वस्त्र धारण कराए जाते हैं।

प्रभु श्री राम को मौसम और तिथि के अनुसार विशेष पोशाक पहनाई जाती है। भीषण गर्मी के दौरान उन्हें सूती और हल्के वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। मंदिर की दैनिक समय-सारणी के अनुसार, दोपहर 12 बजे भोग आरती संपन्न होती है, जबकि संध्या आरती का समय शाम 7.30 बजे निर्धारित है। इसके बाद रात्रि 8.30 बजे प्रभु को शयन कराया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का समय शाम 7.30 बजे तक ही सीमित रहता है।

रामलला का भोग और दैनिक दिनचर्या

श्री रामलला को दिन भर में चार बार विशेष भोग अर्पित किया जाता है। मंदिर की रसोई में ही शुद्धता के साथ विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जो समय के अनुसार प्रभु को परोसे जाते हैं। दिन की शुरुआत ‘बाल भोग’ के साथ होती है। इसी क्रम में, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि, विक्रम संवत 2082 (15 जुलाई) को अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला सरकार का अत्यंत शुभ और अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ, जिसने भक्तों का मन मोह लिया।

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