Rath Yatra: रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा, 24 को बाहुड़ा यात्रा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित गायत्री नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा का उत्सव बड़े ही धूमधाम और वैदिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। 16 जुलाई को भगवान अपने गर्भगृह से बाहर निकलकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जबकि 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) संपन्न होगी। मंदिर परिसर में…

रायपुर में जगन्नाथ रथयात्रा की भव्य तैयारियां: 16 जुलाई को निकलेगी प्रभु की शोभायात्रा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित गायत्री नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा का उत्सव बड़े ही धूमधाम और वैदिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। 16 जुलाई को भगवान अपने गर्भगृह से बाहर निकलकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जबकि 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) संपन्न होगी। मंदिर परिसर में रथयात्रा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

नेत्रोत्सव और धार्मिक अनुष्ठान

मुख्य रथयात्रा से पूर्व 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव संपन्न होगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा के दिन के विशेष कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

कार्यक्रमविवरण
विशेष अभिषेक11 वैदिक पंडितों द्वारा संपन्न
दिव्य स्नानचंदन, केसर, कस्तूरी और कपूर से
महाप्रसादभगवान को गजामूंग का भोग

भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व

मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष और विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। यह उत्सव छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत, भाईचारे और सनातन धर्म की गहरी आस्था का प्रतीक है।

‘छेरा पहरा’ की ऐतिहासिक परंपरा

रथयात्रा का मुख्य आकर्षण ‘छेरा पहरा’ की रस्म होगी। परंपरा के अनुसार, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वर्ण झाड़ू से रथ के सामने मार्ग की सफाई करेंगे। यह रस्म सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस भव्य आयोजन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

भक्तिमय होगा पूरा शहर

  • सांस्कृतिक झांकियां: रथयात्रा के मार्ग पर विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
  • भजन-कीर्तन: महिला मंडलों द्वारा भजनों की प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
  • जयघोष: “जय जगन्नाथ” के नारों और शंखनाद से शहर गूंज उठेगा।

श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे सपरिवार इस ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा को और अधिक भव्य बनाएं।